Civil Service एग्जाम की आयुसीमा में कोई बदलाव नहीं होगा: डॉ. जितेन्‍द्र सिंह

नई दिल्‍ली। Civil Service एग्जाम की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि Civil Service एग्जाम के अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा कम करने की अटकलों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकार का ऐसा कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि खबरों और अटकलों को विराम देना चाहिए।
आपको बता दें कि केंद्र सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग ने सिविल सर्विसेज के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु कम करने की सिफारिश की थी।
खबरों के मुताबिक आयोग ने कहा था कि सिविल सर्विसेज में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए वर्तमान अधिकतम आयु 32 से घटाकर 27 साल कर दी जानी चाहिए। आयोग ने कहा था कि अधिकतम आयु में यह कभी साल 2022-23 तक लागू कर देनी चाहिए। आयोग ने यह भी सुझाव दिया है कि सभी सिविल सेवाओं के लिए केवल एक ही परीक्षा ली जानी चाहिए।
सभी सेवाओं में रिक्रूटमेंट के लिए सेंट्रल टैलंट पूल बनाए जाने का सुझाव सेवाओं में लगाया जाए। नीति आयोग की रिपोर्ट ‘स्ट्रैटिजी फॉर न्यू इंडिया @75’ में सुझाव दिया गया है कि सिविल सर्विसेज में समानता लाने के लिए इनकी संख्या में भी कमी की जाए। बता दें कि इस समय केंद्र और राज्य स्तर पर 60 से ज्यादा अलग-अलग तरह की सिविल सर्विसेज हैं।
सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में सिविल सर्विसेज में सिलेक्ट होने वाले अभ्यर्थियों की औसत आयु साढ़े 25 साल है और भारत की एक-तिहाई से ज्यादा आबादी की उम्र इस समय 35 साल से कम है, इस लिहाज से यह अनुशंसा सही है। इस रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया है कि नौकरशाही में उच्च स्तर पर विशेषज्ञों की लेटरल एंट्री को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए ताकि हर क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा विशेषज्ञों की सेवाएं मिल सकें।
इस रिपोर्ट में कहा गया है, ‘उद्देश्य यह है कि अधिकारियों को उनकी शिक्षा और स्किल के आधार पर विशेषज्ञ बनाया जाए। जहां भी जरूरी हो लंबे समय के लिए अधिकारियों की निपुणता के आधार पर पोस्टिंग की जाएं। हालांकि यह भी सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने का मौका मिले ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें किसी भी जरूरी काम में लगाया जा सके।’
-एजेंसियां

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