ऐपल वॉच पर रिकॉर्ड हुआ सऊदी पत्रकार Jamal Khashojji की हत्या का सच

नई दिल्ली। सऊदी पत्रकार Jamal Khashojji के लापता होने के बाद इस तरह की ख़बरें आने लगी कि सऊदी वाणिज्य दूतावास में जो कुछ भी हुआ वो उन्होंने अपने एपल वॉच पर रिकॉर्ड कर लिया था.

रिपोर्ट के अनुसार Jamal Khashojji पर हमला करने वालों ने उनकी वॉच को देखा और उसे ओपन करने के लिए पासकोड डालने की कोशिश की. फिर बाद में उन्होंने ख़ाशोज्जी के ही फिंगरप्रिट से उसे अनलॉक किया. उन्होंने उसमें से कुछ फाइलों को डिलीट कर दिया लेकिन सभी फाइलों को वो मिटा नहीं सके.

तुर्की के अख़बार ‘सबा’ में सबसे पहले छपी ख़बर के अनुसार इंस्तांबुल में मौजूद सऊदी दूतावास में प्रवेश करने से पहले ही ख़ाशोज्जी ने अपने ऐपल वॉच में रिकॉर्डिंग की सुविधा को ऑन कर लिया था.

और इस कारण उनसे “की गई पूछताछ, उन्हें दी गई यातना और उनकी हत्या” से संबंधित पूरी घटना इसमें क़ैद हो गई. ये जानकारी उनके आईफ़ोन में ट्रांसफ़र हो गई और साथ ही साथ ऐपल आईक्लाउड पर भी अपलोड हो गई.

अख़बार के अनुसार ये आईफ़ोन दूतावास के बाहर उनका इंतज़ार कर रही उनकी मंगेतर के पास था.

क्या ऐपल वॉच में रिकॉर्डिंग संभव है?

इस पूरी कहानी पर यकीन करने से पहले ऐपल वॉच के बारे में और जानकारी जुटाने की कोशिश करते हैं.

ऐपल की बनाई वॉच, कंपनी के टच-आईडी सिस्टम का इस्तेमाल नहीं करती और इस कारण फिंगरप्रिंट के ज़रिए इसको अनलॉक करना नामुमकिन है. फिंगरप्रिंट के ज़रिए इसे अनलॉक करने की बस एक ही सूरत हो सकती है, वो ये कि आईफ़ोन के ज़रिए फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल कर इसे अनलॉक किया जाए. लेकिन इस मामले में वो संभव नहीं था क्योंकि वो तो इमारत के बाहर था.

ये जानकारी मुझे इस पूरी रिपोर्ट को झूठ मानने के लिए मजबूर करती है कि ऐपल वॉच पर रिकॉर्डिंग की गई थी. लेकिन चलिए अब रिकॉर्डिंग की संभावना के बारे बात करते हैं.

ऑडियो रिकॉर्ड करने की सुविधा इस डिवाइस में है ही नहीं. लेकिन कई थर्ड पार्टी ऐप हैं जिनके ज़रिए ऐसा करना संभव हो सकता है.

ये बिल्कुल संभव है कि पत्रकार ख़ाशोज्जी ने दूतावास में जाने से पहले ऐप चालू कर रिकॉर्डिंग ऑन कर दी हो.

लेकिन ये ऑडियो उनके आईफ़ोन तक पहुंचे इसके लिए उन्हें दूतावास के भीतर अधिकारियों की नज़रों से बचकर स्टॉप बटन प्रेस करना होता. और सबसे बड़ी बात इसके बाद उनके वॉच को ब्लूटूथ की ज़रूरत होती जिसके ज़रिए वो दूतावास के बाहर आईफ़ोन के साथ कनेक्ट कर सकें.

ऐपल वॉच 3 और इंटरनेट कनेक्शन
ब्लूटूथ भी एक सीमित सीमा के भीतर ही काम करता है. इस बारे में पड़ताल करने के लिए मैंने अपने आईफ़ोन के साथ एक परीक्षण किया. मैंने अपने लिविंग रूम में अपने आईफ़ोन पर एक पॉडकास्ट चलाया और ब्लूटूथ ईयरप्लग के ज़रिए उसे सुनता हुआ लिविंग रूम से बाहर जाने लगा.

जब मैं अपने छोटे-से घर के दूसरे किनारे तक पहुंचा तब ऑडियो सुनाई देना बंद हो चुका था. और ऐसे में ये मान लेना कि इस्तांबुल में दूतावास की कई दीवारों को चीरता हुआ ब्लूटूथ सिग्नल ठीकठाक इमारत से बाहर निकल आईफ़ोन तक पहुंचेगा, ये संभव नहीं. हां अगर ख़ाशोज्जी की मंगेतर दूतावास की बीहरी दीवार से सट कर खड़ी हों तो शायद ये संभव हो.

हालांकि वॉच पर रिकॉर्डिंग कर सकने की दलील का समर्थन करने वालों की मानें तो उनका कहना है जमाल ख़ाशोज्जी के पास ऐपल वॉच 3 था जो सीधे अपने ख़ुद के सेलुलर कनेक्शन के ज़रिए आईक्लाउड के साथ कनेक्ट हो सकता है.

और ये बात भी सच है कि एक टेलीविज़न कार्यक्रम में जब ख़ाशोज्जी दिखाई दिए थे उनके हाथ में ऐपल वॉच 3 था जिसका लाल बटन साफ़ दिख रहा था.

हो सकता है कि उन्होंने इस डिवाइस के लिए अलग कनेक्शन अमरीका से लिया हो जहां वो रहते थे. लेकिन इसके साथ भी एक मुश्किल है.

सेलुलर कनेक्शन वाला ऐपल वॉच रोमिंग पर काम नहीं करता. इसका मतलब ये कि एक बार तुर्की आने के बाद ख़ाशोज्जी की वॉच डेटा के लिए आईफ़ोन के साथ ही कनेक्ट करेगी.और ये भी हो सकता है कि ख़ाशोज्जी ने अपने आईफ़ोन का सिम निकाल कर एक स्थानीय नंबर ले लिया हो.
“ऐपल वॉच 3 (जीपीएस + सेलुलर डेटा) के तीन अलग-अलग क्षेत्रीय संस्करण हैं, और ये एलटीई और यूएमटीएस बैंड तकनीक पर काम करते हैं. जैसा कि यहां बताया गया है, फिलहाल तुर्की में इसे कोई भी सेलुलर नेटवर्क सपोर्ट नहीं करता.”

और यह स्थिति बदली होगी ऐसा नहीं लगता. इसका मतलब ये कि आप इस्तांबुल में सीधे इंटरनेट से कनेक्ट करने के लिए ऐपल वॉच का इस्तेमाल नहीं कर सकते. ऐसा आप तभी कर पाएंगे जब आप इसे आईफ़ोन में कनेक्ट करें.

हमें अभी तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है कि क्या तुर्की सुरक्षा सेवाओं ने जमाल के ऐपल वॉच को हैक कर के इसे एक रिमोट रिकॉर्डिंग डिवाइस में तब्दील कर दिया था और क्या उन्होंने सऊदी अरब के दूतावास में जाने से पहले ख़शोज्जी को ये हैक किया गया वॉच दिया था.

लेकिन ऐसा हुआ होगा, ऐसा नहीं लगता क्योंकि उनके पास ये पता लगाने का दूसरे कई साधन हैं कि विदेशी राजनयिक देश में क्या करना चाहते हैं. और ऐपल वॉच की कहानी बस एक दिलचस्पी जगाने वाली कहानी भर लगती है.

कौन हैं सऊदी अरब के लापता पत्रकार Jamal Khashojji ?

सऊदी अरब के मशहूर पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी दो अक्टूबर को अपनी शादी से जुड़े दस्तावेज़ लेने के लिए तुर्की में अपने देश के वाणिज्यिक दूतावास गए थे, लेकिन वो अब तक वापस नहीं लौटे.

तुर्की की सरकार का मानना है कि दूतावास में ही जमाल की हत्या कर दी गई. लेकिन सऊदी सरकार इन आरोपों को ख़ारिज करता रहा है.और कहा है कि जमाल दूतावास में अपना काम करने के बाद बाहर चले गए थे.

एक वक़्त जमाल सऊदी के शाही परिवार के सलाहकार हुआ करते थे. लेकिन धीरे-धीरे वो सऊदी सरकार के प्रखर आलोचक बन गए और पिछले साल देश छोड़कर चले गए.

हमने जमाल ख़ाशोज्जी, उनके करियर और उन वजहों के बारे में जानने की कोशिश की, जो उनके लापता होने का कारण हो सकती हैं.

जमाल का जन्म 1958 के दौरान मदीना में हुआ था. उन्होंने अमरीका के इंडिआना स्टेट विश्वविद्यालय से अपनी बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई पूरी की.
-बीबीसी

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