जम्मू-कश्मीर को दो हिस्‍सों में बांटने की बात सिर्फ अफवाह: उप-राज्यपाल

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि केंद्र शासित प्रदेश के विभाजन की किसी तरह की कोई योजना नहीं है.
मनोज सिन्हा ने एक टीवी चैनल को दिये इंटरव्यू में कहा कि इस तरह की अफ़वाहें उन लोगों द्वारा फैलाई जा रही हैं जिनके अपने निजी स्वार्थ हैं.
दो साल पहले भारत सरकार ने इस सूबे को दो हिस्सों में बाँट दिया था और इसका दर्जा पूर्ण-राज्य से घटाकर केंद्र शासित प्रदेश कर दिया गया था.
पिछले कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में बढ़ी सैन्य मूवमेंट को देखते हुए कई जगहों पर ये कयास लगाये जा रहे थे कि फिर से इस क्षेत्र का बँटवारा किया जा सकता है.
लेकिन उप-राज्यपाल ने इसे अफ़वाह बताते हुए, इन चर्चाओं का खंडन किया है.
दरअसल, बीते दिनों कश्मीर और जम्मू के कुछ हिस्सों में सुरक्षाबलों की संख्या अचानक बढ़ा दी गई थी जिससे कई अफ़वाहों और अटकलों का बाज़ार गर्म हो उठा. इनमें सबसे बड़ी अफ़वाह जम्मू-कश्मीर के विभाजन की थी.
पुलिस के अधिकारियों ने बताया है कि सुरक्षाबलों की तैनाती में बदलाव एक रुटीन मामला है. हालांकि, जो सुरक्षाबल इधर-उधर जाते दिखाई दिये, वो चुनावी ड्यूटी पर गये थे जिन्हें वापस बुलाया गया है. मनोज सिन्हा ने भी अपने इंटरव्यू में इसी बात को दोहराया.
5 अगस्त 2019 को जब जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म किया गया था तो उससे पहले भी जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों की भारी तैनाती की गई थी. साथ ही कश्मीर में मौजूद पर्यटकों और अमरनाथ यात्रियों को कश्मीर छोड़ने के लिए कह दिया गया था.
हालांकि, उस समय प्रदेश के राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक ने भी यही कहा था कि “जो कुछ भी जम्मू-कश्मीर में कहा जा रहा है, वो सब अफ़वाहें हैं.” लेकिन बाद में ये अफ़वाहें, सच साबित हुईं.
जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा ख़त्म करने के बाद कश्मीर में लंबे समय तक तालाबंदी रही थी और सैकड़ों राजनैतिक कार्यकर्ताओं समेत कुछ मुख्य विपक्षी नेताओं को गिरफ़्तार कर लिया गया था.
-एजेंसियां

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