अमरीका जिस स्थिति में था, वहां शायद कभी नहीं पहुंच पाएगा: डॉ. फाउची

वॉशिंगटन। कोरोना वायरस को बिना किसी वैक्सीन या असरदार इलाज के पूरी तरह ख़त्म नहीं किया जा सकता. यह कहना है व्हाइट हाउस के कोरोना वायरस टास्क फोर्स के डॉ. एंथनी फाउची का.
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. फ़ाउची ने कहा, ”कोरोना वायरस फैलने से पहले अमरीका जिस स्थिति में था, वहां शायद कभी नहीं पहुंच पाएगा अगर इस महामारी का कोई असरदार इलाज या वैक्सीन नहीं मिलती.”
जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक अब तक अमरीका में कोरोना वायरस के संक्रमण के कुल मामले 368,241 हैं और क़रीब 11 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है.
कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से दुनिया भर में कारोबार और सामाजिक जीवन बुरी तरह प्रभावित है. दुनिया के 211 देशों में इस वायरस के संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं. अब तक दुनिया भर में 1347892 मामले आ चुके हैं और क़रीब 75 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है. अधिकतर देशों ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरी तरह लॉकडाउन घोषित कर रखा है और ज़रूरी सेवाओं को छोड़कर बाकी चीज़ें पूरी तरह बंद हैं.
अमरीका में भी कई राज्यों में कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और दूसरे तरीके अपनाए जा रहे हैं.
बेहद बुरी स्थिति में है अमरीका?
डॉ. एंथनी फाउची देश के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ हैं और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ एलर्जी एंड इन्फ़ेक्टुअस डिजीज़ के डायरेक्टर हैं.
मीडिया से बातचीत के दौरान उनसे एक सवाल पूछा गया कि क्या बिना किसी वैक्सीन या इलाज के देश में हालात सामान्य हो सकते हैं?
इसके जवाब में डॉ. फाउची ने कहा, ”अगर सब कुछ सामान्य होने का मतलब है कि कभी कोरोना वायरस जैसी महामारी आई ही नहीं, मुझे नहीं लगता कि ऐसा तब तक संभव हो पाएगा जब तक कि हम आबादी को इससे पूरी तरह बचा पाने में समर्थ न हो जाएं.”
उन्होंने आगे कहा, ”लेकिन जब हम चीज़ों के सामान्य होने की बात कहते हैं तो वो उससे पूरी तरह अलग स्थिति होती है, जिससे हम अभी गुज़र रहे हैं. क्योंकि अभी हम बेहद बुरी स्थिति से गुज़र रहे हैं.”
डॉ. फाउची ने उम्मीद जताई कि जल्द ही कोरोना के इलाज के लिए वैक्सीन आ जाएगी जिसकी मदद से इस स्थिति से निपटा जा सकेगा और कोशिश होगी कि ऐसे हालात दोबारा न आएं.
कोरोना वायरस के इलाज के लिए दुनिया के कई देशों के वैज्ञानिक लगातार कोशिश कर रहे हैं. कई देशों ने दवाओं की टेस्टिंग की दिशा में भी काम शुरू किया है हालांकि अब तक किसी को पूरी तरह सफलता नहीं मिल पाई है.
कोरोना वायरस सीजनल हो सकता है?
डॉ. फाउची ने कहा, ”जब हम सामान्य स्थिति में पहुंचते हैं तो इसका मतलब है कि हम एक समाज के तौर पर चल सकते हैं. लेकिन अगर आप उस स्थिति की बात कर रहे हैं जब कोरोना वायरस नहीं था तो शायद वो स्थिति कभी नहीं आएगी क्योंकि ख़तरा अब भी बरकरार है. लेकिन मुझे उम्मीद है कि कुछ वक़्त में हमें अच्छी वैक्सीन हासिल कर पाएंगे और सुनिश्चित करेंगे कि ऐसी स्थिति दोबारा न आए.”
उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि समय से पहले जीत का जश्न मनाने के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए.
अमरीका में न्यूयॉर्क कोरोना वायरस संक्रमण का हॉटस्पॉट बना हुआ है. हालांकि बीते कुछ दिनों से वहां संक्रमण के नए मामलों में कमी आई है और कम लोग अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं. इसके साथ ही अस्पतालों से डिस्चार्ज होने वाले मरीज़ भी बढ़े हैं.
डॉ. फाउची ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण मौसमी बीमारी बन सकता है. उन्होंने कहा कि इस बात की पूरी संभावना है कि ये सीजनल बीमारी का रूप ले ले और फ़िलहाल इसे धरती से इस साल पूरी तरह ख़त्म कर पाना संभव नहीं लग रहा. इसका मतलब है कि अमरीका में फ्लू के अगले सीज़न में भी यह महामारी वापस आ सकती है.
-BBC

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