स्‍वेज नहर में जाम लगाने वाला जहाज अब पहुंचा अपने ठिकाने पर

रॉटर्डम। स्‍वेज नहर में जाम लगाकर समुद्री व्‍यापार पर ब्रेक लगाने वाला विशालकाय जहाज एवर गिवेन 4 महीने की मशक्‍कत के बाद अंतत: अपने ठिकाने नीदरलैंड के रॉटर्डम शहर पहुंच गया है।
एवर गिवेन की वजह से समुद्र में एक सप्‍ताह तक 42 अरब पाउंड का व्‍यापार ठप पड़ गया था। इस जहाज को भारतीय चालक दल चला रहा था और अब रॉटर्डम पहुंचने पर इसके माल को उतारा जा रहा है।
एवर गिवेन जहाज अब अमजोनेहवेन पहुंचा है, जो उसके वास्‍तविक समय से काफी लेट है। पनामा के झंडे वाला यह जहाज 23 मार्च को स्‍वेज नहर में फंस गया था। इसे निकालने में एक सप्‍ताह का समय लग गया था। इसकी वजह से समुद्र में ही सैकड़ों जहाजों को खड़ा होना पड़ गया था। रॉटर्डम बंदरगाह के डायरेक्‍टर ने कहा कि एवर गिवेन को देखकर उन्‍हें बहुत राहत मिली है।
3 महीने तक यह जहाज खड़ा रहा
अब इसके विशालकाय सामान को उतार सकेंगे। यह जहाज अभी सोमवार तक यही पर रहेगा, इसके बाद फ्रांस जाएगा जहां इसकी जांच की जाएगी। तीन सप्‍ताह पहले एवर गिवेन जहाज ग्रेट बिटर लेक के नहर में खड़ा था। वित्‍तीय विवाद के कारण करीब 3 महीने तक यह जहाज यहीं पर खड़ा रहा। इस जहाज के जापानी मालिक ने स्‍वेज नहर के प्रशासन से एक समझौता किया, उसके बाद जहाज को जाने दिया गया। दोनों पक्षों ने यह नहीं बताया कि कितने पैसे में समझौता हुआ है।
एवर गिवेन जहाज को 25 भारतीय चला रहे थे। 193.3 किलोमीटर लंबी स्वेज नहर भूमध्य सागर को लाल सागर से जोड़ती है। इसी रास्‍ते से दुनिया के करीब 30 फीसदी शिपिंग कंटेनर गुजरते हैं। पूरी दुनिया के 12 फीसदी सामानों की ढुलाई भी इसी नहर के जरिए होती है। इस नहर से रोजाना नौ अरब डॉलर का कारोबार होता रहा है। जहाज के फंसने से वैश्विक परिवहन और व्यापार पर बहुत बुरा असर पड़ा था। विश्‍व के व्‍यस्‍ततम समुद्री रास्‍तों में से एक मिस्र के स्‍वेज नहर में विशाल कंटेनर श‍िप एवर गिवेन के फंसने से दुनियाभर के 300 से ज्‍यादा मालवाहक जहाज और तेल कंटेनर फंस गए थे।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *