1959 में आज ही के दिन शुरू हुआ था “दूरदर्शन”

नई दिल्‍ली। संचार और डिजिटल क्रांति के इस युग में जीने वाली पीढ़ी को दूरदर्शन का मतलब शायद ही पता हो, लेकिन पिछली पीढ़ी का दूरदर्शन के साथ गहरा नाता रहा है। 1959 में आज ही के दिन सरकारी प्रसारक के तौर पर दूरदर्शन की स्थापना हुई थी। छोटे से पर्दे पर चलती बोलती तस्वीरें दिखाने वाला बिजली से चलने वाला यह डिब्बा लोगों के लिए कौतुहल का विषय था, जिसके घर में टेलीविजन होता था, लोग दूर दूर से उसे देखने आते थे। छत पर लगा टेलीविजन का एंटीना मानो प्रतिष्ठा का प्रतीक हुआ करता था और देश की कला और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम इस सरकारी प्रसारण सेवा का अभिन्न अंग थे। दूरदर्शन की शुरुआत के समय इसमें कुछ देर के लिए कार्यक्रमों का प्रसारण किया जाता था। नियमित दैनिक प्रसारण की शुरुआत 1965 में आल इंडिया रेडियो के एक अंग के रूप में हुई। 1972 में यह सेवा मुम्बई (तत्कालीन बंबई) और अमृतसर तक विस्तारित की गई, जो आज देश के दूरदराज के गांवों तक उपलब्ध है। राष्ट्रीय प्रसारण की शुरूआत 1982 में हुई। इसी वर्ष दूरदर्शन का स्वरूप रंगीन हो गया। इससे पहले यह श्वेत श्याम ही हुआ करता था। देश दुनिया के इतिहास में आज की तारीख में दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-
1812 : नेपोलियन के नेतृत्व में फ्रांसीसी सेना मास्को के क्रैमलिन पहुंची।
1876 : भारतीय उपन्यासकार शरत चंद्र चट्टोपाध्याय का जन्म।
1927 : प्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार सर्वेश्वर दयाल सक्सेना का जन्म
1948 – स्वतंत्र भारत का पहला ध्वजपोत आईएनएस दिल्ली बंबई(अब मुंबई) के बंदरगाह पर पहुंचा।
1959 – भारत की राष्ट्रीय प्रसारण सेवा दूरदर्शन की शुरुआत हुई
1971 : दुनिया को हरा भरा और शांति पूर्ण बनाने के संकल्प के साथ ग्रीन पीस की स्थापना।
1981 : वानुअतु संयुक्त राष्ट्र संघ का सदस्य बना
1982 : लेबनान के निर्वाचित राष्ट्रपति बशीर गेमायेल की पदासीन होने से पहले ही बम विस्फोट में हत्या।
-एजेंसियां

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