पाकिस्‍तान के राष्‍ट्रपति भी बोले, कश्‍मीर पर फैसले के खिलाफ हम यूएन जाएंगे

इस्‍लामाबाद। आर्टिकल 370 पर भारत सरकार के फैसले पर पाकिस्तान की बौखलाहट खुलकर सामने आ रही है। पाक पीएम और विदेश मंत्री के बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने बुधवार को कहा कि कश्मीरी और पाकिस्तानी एक हैं। अल्वी ने यह भी कहा कि उनका देश और देश के नागरिक कश्मीर के लोगों के साथ खड़े रहेंगे।
कश्मीर मुद्दे को UN ले जाने की बात प्रेसीडेंट ने दोहराई
पाकिस्तान के 73वें स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के भारत सरकार के फैसले के खिलाफ जमकर बयानबाजी की। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली के फैसले के खिलाफ इस्लामाबाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का रुख करेगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर के विशेष दर्जे में बदलाव कर भारत ने न केवल संयुक्त राष्ट्र के संकल्प का बल्कि शिमला समझौता का भी उल्लंघन किया है।
कश्मीर के लोगों को पाकिस्तान का समर्थन देने की बात की
भारत ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को साफ तौर पर कह दिया है कि अनुच्छेद-370 के तहत जम्मू-कश्मीर को दिया गया विशेष दर्जा खत्म करने का फैसला पूरी तरह से आंतरिक मामला है। साथ ही भारत ने पाकिस्तान को वास्तविकता स्वीकार करने की सलाह दी है। अल्वी ने अपने भाषण में कश्मीर के लोगों को पाकिस्तान के समर्थन का भरोसा दिया।
कश्मीर पर अल्वी ने कहा, ‘हमारे दुख एक जैसे हैं’
सरकारी एजेंसी एसोसिएट प्रेस ऑफ पाकिस्तान ने अपनी रिपोर्ट में अल्वी के हवाले से कहा, ‘हम उन्हें किसी भी स्थिति में अकेला नहीं छोड़ेंगे। कश्मीरी और पाकिस्तानी एक हैं। हमारा दुख एक है और उनके आंसू हमारे दिलों तक पहुंचते हैं। हम उनके साथ हैं और रहेंगे।’
उन्होंने कहा कि भारत नियंत्रण रेखा पर गैर सैन्य इलाकों को निशाना बनाकर संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन करता रहा है।
पाकिस्तान को राष्ट्रपति ने बताया, शांतिप्रिय देश
पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने कहा, ‘पाकिस्तान एक शांतिप्रिय देश है और कश्मीर विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहता है, लेकिन भारत हमारी शांति की नीति को कमजोरी समझने की भूल न करे।’
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक पूरे देश में पाकिस्तानियों ने स्वतंत्रता दिवस मनाया। मस्जिदों में आयोजित विशेष नमाज में देश में शांति और संपन्नता की दुआएं मांगी गई।
बता दें कि पाकिस्तान ने स्वतंत्रता दिवस को ‘कश्मीर एकता दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला किया है। जम्मू और कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने और राज्य को 2 केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के भारत के फैसले के खिलाफ 15 अगस्त को (भारत के स्वतंत्रता दिवस पर) उसने काला दिवस मनाने का निर्णय किया है।
-एजेंसियां

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