पहले चरण का मतदान संपन्‍न, लेकिन किसी उम्‍मीदवार ने नहीं छपवाया अपना आपराधिक ब्यौरा

नई दिल्‍ली। आज लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान संपन्‍न हो हो गया लेकिन चुनाव आयोग के पास अब तक ऐसी कोई जानकारी उपलब्‍ध नहीं है जिसमें आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों ने अखबार में अपनी क्राइम हिस्‍ट्री का इश्‍तहार छपवाया हो।
सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर 2018 में आदेश दिया था कि दागी उम्मीदवारों को नामांकन से मतदान के दो दिन पहले तक तीन प्रमुख अखबारों में अपना आपराधिक ब्यौरा प्रकाशित करना होगा।
इसके अलावा जिन दलों ने ऐसे लोगों को टिकट दिया है उन दलों को भी अपनी वेबसाइट सहित तीन प्रमुख अखबारों में ऐसा ही इश्तेहार देना होगा। लेकिन आयोग के पास अब तक ऐसे किसी इश्तेहार की जानकारी नहीं है जबकि पहले चरण में 91 सीटों पर हो रहे चुनाव में 1266 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं। इनमें से 213 यानि करीब 17 फीसदी उम्‍मीदवार आपराधिक पृष्ठभूमि से हैं।
इस बारे में चुनाव आयोग से जब जानकारी मांगी गई तो वह कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाया।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को एडवायजरी जारी की थी कि ऐसे उम्मीदवार और दल इश्तेहार की प्रति जिला चुनाव अधिकारी के दफ्तर में जमा कराएं लेकिन किसी जिले से ऐसा कोई ब्योरा चुनाव आयोग को नहीं भेजा गया है। इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश और चुनाव आयोग की एडवायजरी का खुला उल्लंघन माना जा रहा है। आश्‍चर्य की बात यह है कि यह उल्‍लंघन उम्मीदवार और राजनीतिक दल दोनों की तरफ से किया जा रहा है।
आयोग सूत्रों के मुताबिक दिसंबर में हुए मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मिजोरम, तेलंगाना विधानसभा चुनावों में भी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले किसी भी उम्मीदवार के इश्तेहार की सूचना आयोग को नहीं दी गई थी। आयोग के एक पूर्व विधि सलाहकार ने बताया कि आयोग के पास कोर्ट के इस आदेश को पालन कराने का पूरा समय था लेकिन ऐसा अब तक होता नहीं दिख रहा है।
नामांकण पत्र में घोषित ब्योरे के मुताबिक पहले चरण में मैदान में उतरे 213 आपराधिक पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों में 146 पर संगीन अपराध के मामले हैं। 12 सजायाफ्ता और 25 पर हत्या के प्रयास का आरोप है। इन उम्मीदवारों में से चार पर अगवा करने और 12 पर महिलाओं के प्रति अपराध का केस लंबित है।
जहां तक पार्टियों का सवाल है तो पहले चरण में भाजपा और कांग्रेस 83-83 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इनमें से कांग्रेस ने 35 सीटों पर और भाजपा ने 30 सीटों पर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार उतारे हैं। इनमें कांग्रेस के 22 और भाजपा के 16 उम्मीदवारों पर संगीन मामले हैं। इसी तरह बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के 32 सीटों में से आठ पर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार हैं। टीडीपी के 25 में से चार, टीआरएस के17 में पांच और वाईएसआरसीपी के 25 में 13 अपराध से जुड़े उम्मीदवार हैं।
-Legend News

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