मुख्तार के करीबी का नवनिर्मित 6 मंजिला भवन प्रशासन ने ध्‍वस्‍त किया

गाजीपुर। बाहुबली एमएलए मुख्तार अंसारी का रियल एस्टेट कारोबार देखने वाले गणेश दत्त मिश्र के नवनिर्मित 6 मंजिला भवन को गाजीपुर जिला प्रशासन ने रविवार को बुलडोजर चला ध्‍वस्‍त कर दिया। इस बिल्डिंग की कीमत करीब चार करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह अंसारी गैंग से जुड़ी तीसरी बड़ी प्रॉपर्टी है, जिसको जमींदोज किया गया है। इससे पहले अंसारी के नजदीकी आजम कादरी का अस्पताल और अंसारी बंधुओं के मालिकाना हक वाले गजल होटल को भी गिराया जा चुका है। हाल ही में समाजवादी पार्टी में शामिल होने वाले गणेश दत्‍त ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। उनका कहना है कि वह ब्राह्मण हैं, इसलिए कानून की आड़ लेकर योगी सरकार उनको परेशान कर रही है।
जानकारी के अनुसार श्रीराम कॉलोनी में बहुचर्चित प्रॉपर्टी डीलर गणेश दत्त मिश्र ने अपने पिता के नाम पर मास्टर प्लान की अनदेखी कर एक भवन का निर्माण कराया था। मानकों की अनदेखी का हवाला देकर एसडीएम कोर्ट ने भवन के ध्वस्तीकरण का फैसला सुनाया था। एसडीएम कोर्ट के इस फैसले को गणेश दत्त ने डीएम कोर्ट में चुनौती दी थी लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली। डीएम की अध्यक्षता वाली 8 सदस्यीय बोर्ड ने गणेश दत्त मिश्र के भवन को गिराए जाने के एसडीएम कोर्ट के फैसले को बहाल रखा। रविवार सुबह सात बजे ही तीन पोकलेन लेकर सीओ सिटी और तहसीलदार श्रीराम कॉलोनी पहुंचे। 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गणेश दत्त मिश्र की बिल्डिंग को जमींदोज कर दिया गया।
अंडरवर्ल्ड में गणेश दत्‍त को अंसारी बंधुओं के रियल स्टेट बिजनेस के प्रबंधक के रूप में जाना जाता है। गणेश ने अंसारी बंधुओं से अपने संबंध होने की बात को तो स्वीकार की है, लेकिन यह भी कहा कि ब्राह्मण होने के नाते योगी सरकार उनके खिलाफ ऐक्‍शन ले रही है। उन्‍होंने कहा कि यह प्रशासन नहीं बल्कि गुंडा पुलिस है। यहां लोगों के साथ धोखा होता है, शनिवार को ऑर्डर कर रविवार को मकान गिरा दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग उनके साथ हैं, लेकिन वह कर ही क्‍या सकते हैं। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ जनता और ब्राह्मणों से लड़ रहे हैं।
-एजेंसियां

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