अगस्‍ता वेस्‍टलैंड घोटाले में कई कांग्रेसी नेताओं के नाम सामने आए, बीजेपी हमलावर

नई दिल्‍ली। अगस्‍ता वेस्‍टलैंड वीवीआईपी चॉपर घोटाला मामले में कांग्रेस के कई नेताओं का नाम आने पर बीजेपी हमलावर हो गई है।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पूछा है कि ‘कांग्रेस पार्टी के बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगे हैं, इस पर पार्टी को क्‍या कहना है?’
उन्‍होंने कहा कि डिफेंस डील में कांग्रेस पार्टी का नाम आना ही है, ये लोग देश की सुरक्षा के साथ ऐसे ही खिलवाड़ करते रहे। प्रसाद ने यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी और पूर्व कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी का नाम लेकर कहा कि वे बताएं कि उनका इस पर क्‍या कहना है।
बता दें कि एक मीडिया रिपोर्ट में मामले के एक प्रमुख आरोपी राजीव सक्‍सेना से पूछताछ का ब्‍योरा छपा है। सक्‍सेना ने प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ में अहमद पटेल, सलमान खुर्शीद और कमलनाथ के नाम लिए थे।
कांग्रेस पार्टी को जवाब देना होगा: प्रसाद
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘जब भी आप एक मिलिट्री डील में किकबैक की सोचते हैं, कांग्रेस के किसी नेता का नाम आ जाता है। जीप स्‍कैंडल से लेकर बोफोर्स तक, सबमरीन स्‍कैंडल और भी कई हैं, अगस्‍ता वेस्‍टलैंड भी, बिना कांग्रेस नेताओं को किकबैक के कोई काम नहीं हुआ।’
उन्‍होंने कहा, “यूपीए में बिना किकबैक के कोई काम नहीं होता था। कोई भी डील बिना डील के नहीं होती थी।” प्रसाद ने आगे कहा, “इस बार देश जानना चाहता है- कांग्रेस पार्टी की अध्यक्षा, युवराज और नेताओं को जवाब देना होगा। ये लोग देश को बताएं कि प्रमाणिक रूप से कोर्ट के सामने कांग्रेस के कई नेताओं का जिक्र आया है, इनका इस पर क्या कहना है?”
राजीव सक्‍सेना ने क्‍या किए थे खुलासे?
ईडी की पूछताछ में फोकस दो अन्‍य प्रमुख आरोपियों- डिफेंस डीलर सुशेन मोहन गुप्‍ता और कमलनाथ के भतीजे रतुल पुरी से हुए वित्‍तीय लेनदेन पर रहा। सक्‍सेना का आरोप है कि गुप्‍ता और खैतान ने सत्‍ता के गलियारों में अपनी धमक का एहसास कराने के लिए बार-बार बड़े नेताओं का नाम लिया। सक्‍सेना के मुताबिक, ‘दोनों अक्‍सर सलमान खुर्शीद और कमल अंकल का नाम लिया करते थे, जो मेरे हिसाब से कमलनाथ हैं।’ बकौल सक्‍सेना, “उन्‍होंने ‘AP’ का नाम लिया जो अहमद पटेल के संदर्भ में था।” राजीव सक्‍सेना ने कई कंपनियों के जरिए रतुल पुरी और उसके परिवार की एक कंपनी में पैसे ट्रांसफर किए।
प्रसाद ने यूपीए सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया। उन्‍होंने कहा, “2010 में 3,600 करोड़ रुपये के अमाउंट से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के लिए वीवीआईपी अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीदने की बात हुई थी। दो साल बाद, 2012 में मीडिया रिपोर्ट आ गई कि किकबैक हुआ है। सितंबर 2014 में गौतम खैतान को अरेस्‍ट किया गया। मनमोहन सिंह सरकार ने सीबीआई इंक्‍वायरी बैठाई लेकिन जांच में हमारी सरकार आने तक कोई प्रगति नहीं हुई।”
-एजेंसियां

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