राधे मां को अपनी कुर्सी सौंपने वाले थानेदार की नौकरी खतरे में

राधे मां को अपनी कुर्सी पर बैठाने वाले विवेक विहार थाने के एसएचओ की नौकरी अब खतरे में पड़ती दिखाई दे रही है। फिलहाल एसएचओ को लाइन हाजिर करके डीसीपी को जांच सौंपी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एसएचओ का आचरण अव्यवहारिक और आपत्तिजनक है। स्पेशल सीपी दीपेंद्र पाठक ने कहा कि इस संबंध में जांच शुरू कर दी गई है। यह गंभीर मामला है। आरोप सही पाए जाने पर निश्चित तौर पर कार्यवाही होगी। वहीं जॉइंट सीपी रवींद्र यादव ने कहा है कि मामले की जांच डीसीपी द्वारा की जा रही है।
बता दें कि संजय शर्मा हाल में विवेक विहार थाने के एसएचओ बनाए गए थे। वह पहले हौजखास थाने के एसएचओ भी रह चुके हैं। इससे पहले रिश्वतखोरी के एक मामले में एलजी के निर्देश पर कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही हुई थी, उसकी जद में संजय शर्मा भी थे। बड़ी मुश्किल से फिर एसएचओ बने लेकिन अपनी कुर्सी पर राधे मां को बैठाकर आशीर्वाद लेने के चक्कर में अब नौकरी गंवाने जैसी नौबत आ गई है।
सूत्रों के अनुसार इस विवाद पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दिलचस्पी सफाई दी है। अधिकारियों को अपनी सफाई में एसएचओ ने बताया कि राधे मां थाने में वॉशरूम का इस्तेमाल करने पहुंची थीं। पीछे-पीछे उनके 15-20 फॉलोअर्स (भक्त) भी थे। थाने में उन्हीं लोगों की भीड़ जमा थी। औपचारिकतावश उन्हें बैठने को कहना पड़ा।
थाने में एसएचओ की कुर्सी पर बैठाने की क्या जरूरत पड़ी? इस सवाल का एसएचओ से जवाब देते नहीं बन रहा है।
फोटो वायरल होने पर पुलिस डिपार्टमेंट हैरान
यह गंभीर मामला है, जांच शुरू कर दी गई है। आरोप सही पाए जाने पर कार्यवाही की जाएगी। एसएचओ को लाइन हाजिर कर दिया गया है। -दीपेंद्र पाठक, स्पेशल सीपी और मुख्य प्रवक्ता दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस कमिश्नर को तत्काल विवेक विहार एसएचओ को थाने से हटाकर सस्पेंड करना चाहिए। राधे मां जैसी विवादित महिला को आधिकारिक कुर्सी पर बैठाकर आशीर्वाद लेने वाले एसएचओ को माफ नहीं किया जा सकता। – प्रवीण शंकर कपूर, दिल्ली प्रवक्ता, बीजेपी
सूत्रों का कहना है कि राधे मां न सिर्फ एसएचओ की कुर्सी पर विराजमान हुईं बल्कि एसएचओ और थाने के कुछ अन्य पुलिस अधिकारियों ने उनका नतमस्तक होकर स्वागत किया। कई पुलिसकर्मियों ने राधे मां का आशीर्वाद लिया। उस रोज वह लालकिले के पास होने वाली एक रामलीला से होती हुई देर रात थाने पहुंची थीं।
-एजेंसी