अयोध्‍या की मस्‍जिद को पहला दान लखनऊ के रोहित श्रीवास्तव ने दिया

अयोध्या। अयोध्‍या में बनने वाली धन्‍नीपुर मस्जिद की ट्रस्ट इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन को 21 हजार रुपये के दान का पहला चेक मिला है।
ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन ने बताया कि शनिवार को यह दान लखनऊ के रोहित श्रीवास्तव ने मस्जिद ट्रस्ट कार्यालय में जमा किया है।
रोहित श्रीवास्‍तव लखनऊ यूनिवर्सिटी की लॉ फैकल्‍टी में काम करते हैं। मस्जिद निर्माण को मिलने वाला यह पहला दान है। इससे पहले ट्रस्‍ट के सचिव अतहर हुसैन ने कहा था कि मस्जिद के लिए सहयोग राशि लेने के पहले यह अपील जारी कर दी जा रही है कि दान देने वाले केवल हलाल की कमाई का पैसा ही मस्जिद के लिए दान करें। इसमें खास तौर पर बिजली की चोरी, टैक्स की चोरी, जमाखोरी, घूसखोरी सूदखोरी, तस्करी, फिरौती और सरकारी कानून के खिलाफ कमाया धन नहीं लिया जाएगा।
मॉर्डन आर्किटेक्ट डिजाइन पर बनेगी मस्जिद
1460 वर्ग गज क्षेत्र में बनने वाली मस्जिद मॉडर्न आर्किटेक्ट डिजाइन पर बनेगी। मस्जिद का डिजाइन जामिया मिल्लिया इस्लामिया के आर्किटेक्चर डिपार्टमेंट के डीन प्रोफेसर एसएम अख्तर तैयार करेंगे। प्रोफेसर अख्तर का कहना है कि इसमें पारंपरिक मस्जिद की झलक नहीं दिखेगी बल्कि यह एक मॉडर्न मस्जिद होगी।
जाने-माने इतिहासकार और जेएनयू के रिटायर्ड प्रोफेसर पुष्पेश पन्त को अयोध्या की धन्नीपुर मस्जिद के म्यूजियम व लाइब्रेरी सेक्शन का सलाहकार नियुक्त किया गया है।
मस्जिद ट्रस्ट इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के सचिव अतहर हुसैन ने बताया कि प्रोफेसर अख्तर के पास मस्जिद भूखंड का टोपीग्राफी नक्शा भेजा गया है लेकिन उससे आर्किटेक्ट डिजाइन नहीं तैयार हो सकती। अतहर हुसैन के मुताबिक, सोहावल के धन्नीपुर गांव में पांच एकड़ भूमि दी गई है जिसमें भूमि का चिह्नाकंन होने के बाद अब मस्जिद परिसर की आर्किटेक्ट डिजाइन तैयार करवाई जा रही है जिसमें दो तीन महीने लग सकते हैं।
मस्जिद का नक्शा कौन पास करेगा?
अतहर हुसैन ने बताया कि धन्नीपुर गांव अयोध्या विकास प्राधिकरण क्षेत्र के बाहर है इसलिए मस्जिद और परिसर के अन्य प्रोजेक्ट का नक्शा कौन पास करेगा, इसको लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अतहर हुसैन कहते हैं, ‘वैसे ग्रामीण क्षेत्रों में भवन का नक्शा जिला पंचायत से पास करवाया जा सकता है। सरकार इसको लेकर जो आदेश करेगी, इसकी जानकारी हासिल की जा रही है।’
‘नक्शा पास कराने के लिए करोड़ों शुल्क नहीं देना पड़ेगा’
अतहर हुसैन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में स्थित मस्जिद के नक्शे को पास करवाने में राम मंदिर जैसा करोड़ों का शुल्क नहीं देना पड़ेगा। वहीं जिला पंचायत के कर अधिकारी चंद्र प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि विकास प्राधिकरण के बाहर होने के कारण मजिस्द का नक्शा जिला पंचायत पास करेगा। इसके लिए संबंधित भूमि के अभिलेख की जांच की जाएगी।
-एजेंसियां

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