वित्त मंत्री ने राहुल गांधी को बताया ‘डूम्सडे मैन’, और कांग्रेस से पूछा कि वह कृषि सुधारों पर अपने रुख से क्‍यों पलटी

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए शनिवार को कहा कि कांग्रेस नेता फर्जी विमर्श गढ़ते हैं, देश को तोड़ने वाली ताकतों के साथ खड़े होते हैं और संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करते हैं। सीतारमण ने दस सवालों के माध्यम से आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए कांग्रेस ने संस्थाओं को बनाया और फिर उनका अपने ‘हम दो, हमारे दो’ के लिए दुरुपयोग किया। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि वह एक ‘डूम्सडे मैन’ (प्रलय की बात करने वाला व्यक्ति) हैं।
सीतारमण ने लोकसभा में बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए यह भी कहा कि कांग्रेस नेता को चर्चा में बोलते समय यह जवाब देना चाहिए था कि कांग्रेस ने कृषि सुधारों को लेकर अपने रुख से क्यों बिलकुल पलट गये?
उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए तीन नये कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला था और आरोप लगाया था कि यह ‘हम दो, हमारे दो’ की सरकार है।
उन्होंने यह दावा भी किया था कि इन तीनों कानूनों के कारण मंडिया खत्म हो जाएंगी और कृषि क्षेत्र कुछ बड़े उद्योगपतियों के नियंत्रण में चला जाएगा।
वित्त मंत्री ने अपने जवाब के दौरान 10 सवालों के माध्यम से राहुल गांधी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, ‘मैं सहमत हूं कि बजट पर चर्चा के दौरान कृषि के मुद्दे पर बात होती है क्योंकि यह बजट का हिस्सा है लेकिन जब वह (राहुल गांधी) बोलने खड़े हुए तो बजट पर बोलने के लिए भूमिका रखी, लेकिन इस पर बोले ही नहीं।’
सीतारमण ने कहा कि उस समय उम्मीद थी कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बताएंगे कि कांग्रेस ने 2019 के घोषणापत्र में किए वादे से क्यों पलटी मारी? पहले तो कृषि सुधारों का समर्थन करते थे, लेकिन अब नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कांग्रेस के सदस्यों की टोका-टोकी के बीच कहा कि कांग्रेस ने कई राज्यों में चुनाव जीतने के लिए कर्जमाफी का वादा किया था लेकिन सरकार बनने के बाद मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कर्जमाफी नहीं हुई। वित्त मंत्री ने कहा, ‘किसानों की पीठ में छुरा घोंप दिया। उम्मीद थी कि राहुल गांधी इस बारे में बताएंगे लेकिन नहीं बताया।’
सीतारमण ने कहा कि उन्होंने सोचा था कि कांग्रेस नेता कम से यह बात बोलेंगे कि उनकी ओर से पंजाब में किसानों से जुड़े कानून को हटाने का आदेश वहां के मुख्यमंत्री को दिया गया है।
उन्होंने राहुल गांधी पर कटाक्ष जारी रखते हुए कहा, ‘मुझे उम्मीद थी कि वह बताएंगे कि तीनों कृषि कानूनों में किस प्रावधान में कमी है लेकिन यह भी नहीं बताया।’ वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए अपने वक्तव्य में छोटे किसानों के बारे में बात की थी। सोचा था कि राहुल गांधी बोलेंगे कि उन्होंने ‘अपने दो’ से बोल दिया है कि वे किसानों जमीन वापस कर दें। सीतारमण ने सवाल किया, ‘कांग्रेस नेता पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह की कृषि सुधारों से जुड़ी टिप्पणी को क्यों भूल गए ?’
उन्होंने कहा, ‘मैंने सोचा था कि कांग्रेस नेता साबित करेंगे कि ये कानून आने के बाद कोई एक भी एपीएमसी बंद हुआ है लेकिन यह भी नहीं बताया।’
वित्त मंत्री ने किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के सम्मान में राहुल गांधी की ओर से सदन में आसन की अनुमति के बिना कुछ देर मौन रखने का हवाला देते हुए सवाल किया कि उन्होंने संविधान का अपमान क्यों किया? उन्होंने कहा, ‘इससे पहले वह पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का अपमान कर चुके हैं। जब वह विदेश में थे तो राहुल गांधी ने अध्यादेश की प्रति को फाड़कर फेंक दिया।’
सीतारमण ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार फर्जी विमर्श गढ़ते रहते हैं। वह लगातार देश को नीचा दिखाने की कोशिश करते रहते हैं।
उन्होंने चीन का नाम लिये बिना यह आरोप भी लगाया कि राहुल गांधी ने एक देश की पार्टी के साथ करार दिया। सीमा पर गतिरोध के समय एक देश के राजदूत से बात की। वित्त मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी वरिष्ठ सदस्य हैं और ‘ब्रेकिंग इंडिया फ्रिंज ग्रुप’ के साथ शामिल हो जाते हैं। वह संवैधानिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री पर निराधार हमले करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में यही हुआ कि पहले संस्थान बनाओ और फिर उसका ‘हम दो हमारे दो’ के लिए दुरुपयोग करो। उन्होंने बजट चर्चा के दौरान राहुल गांधी सहित कांग्रेस के सदस्यों के वॉकआउट की ओर इंगित करते हुए कहा, ‘जब जवाब दिया जाता है तो सुनते नहीं हैं या फिर वॉकआउट करते हैं।’ सीतारमण ने यह भी कहा कि कांग्रेस का कृषि कानूनों को लेकर राज्यसभा में अलग रुख था और लोकसभा में दूसरा रुख था।
मोदी हों या मनमोहन, प्रधानमंत्रियों का हमेशा अपमान करते हैं राहुल गांधी
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी के व्यवहार पर आक्रोश जाहिर करते हुए कहा कि प्रधानमंत्रियों का अपमान करना उनकी फितरत हो गई है, भले ही वो मनमोहन सिंह ही क्यों नहीं हों। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह जब विदेश गए थे तो राहुल गांधी ने उनकी ओर से लाए गए अध्यादेश को फाड़कर फेंक दिया था।” वित्त मंत्री जिस वाकये का हवाला दे रही हैं, वो साल 2013 का है।
अपने बेहद सधे और धारदार भाषण में वित्त मंत्री ने जहां राहुल गांधी के राजनीतिक चरित्र की भी कड़ी आलोचना की, वहीं कांग्रेस की आर्थिक नीतियों पर भी जोरदार हमला बोला।
…जब राहुल ने फाड़ दिया था अपनी ही सरकार का अध्यादेश
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने तब दोषी जनप्रतिनिधियों को चुनाव लड़ने के खिलाफ फैसला दिया था। इस फैसले को निष्प्रभावी बनाने के लिए यूपीए सरकार ने अध्यादेश जारी किया था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था, “यह पूरी तरह बकवास है, जिसे फाड़कर फेंक देना चाहिए।” तत्कालीन योजना आयोग (अब नीति आयोग) के प्रमुख मोंटेक सिंह अलहूवालिया के मुताबिक राहुल गांधी ने जब 2013 में अध्यादेश फाड़ा था उसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस्तीफा देना चाहते थे।
-एजेंसियां

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