बाहर आने लगी है “भगवानों” की संस्‍था के भीतर की गंदगी

योग गुरू बाबा रामदेव द्वारा ऐलोपैथी को एक असफल चिकित्सा पद्धति कहे जाने के बाद से ऐलोपैथी डॉक्‍टरों की स्वयंसेवी संस्था “आईएमए” भड़की हुई है, इसकी उत्‍तराखंड शाखा ने तो योगगुरू पर 1000 करोड़ का मानहान‍ि केस तक दायर कर द‍िया है, साथ ही आईएमए के राष्‍ट्रीय महासचिव डॉ. जयेश लेले ने दिल्ली के आईपी एस्टेट थाने में शिकायत दर्ज कराई है, तो दूसरी ओर धर्मांतरण के लिए अपने कार्यालय का दुरुपयोग करने के लिए @IMAIndiaOrg प्रमुख डॉ जॉनरोस ऑस्टिन जयालाल के खिलाफ भी आपराधिक शिकायत दर्ज की गई है।

मैं आज यहां बाबा रामदेव के पक्ष में कुछ नहीं ल‍िख रही क्‍योंक‍ि ज‍िस तरह आधा सच नुकसान दायक होता है उसी तरह सही समय और सही मंच पर ना बोला सत्‍य भी गर‍िमाहीन हो जाता है, बाबा ने ऐसा ही सत्‍य बोला है।

इस पूरे घटनाक्रम में अब तक कथ‍ित “भगवानों” की संस्‍था “आईएमए” के भीतर की गंदगी, लोगों की सेहत से ख‍िलवाड़ करती देशद्रोही गत‍िव‍िध‍ियां सामने आ रही हैं। ऐलोपैथ‍ी से रोगों का इलाज़ करने वाले भारतीय डॉक्‍टरों के प्रत‍ि जनता के “अव‍िश्‍वास” को 327,207 डॉक्‍टरों की संस्‍था आईएमए के अपने रवैये ने और पुख्‍ता कर द‍िया है क‍ि उसे बाबा के बयान पर तो घोर आपत्‍त‍ि है परंतु वो उन प्रश्‍नों का जवाब नहीं देना चाहती जो स्‍वयं उसे ही कठघरे में खड़ा कर रहे हैं।

जैसे क‍ि-

1. सरेआम ह‍िंदुओं का ईसाई धर्मांतरण करने में ल‍िप्‍त आईएमए के मौजूदा अध्‍यक्ष डॉ. जॉनरोज ऑस्टीन जयलाल के बयान क‍ि “सरकार और डॉक्‍टरों ने नहीं कोरोना को तो यीशु ने भगाया, इसल‍िए कोरोना से बचना है तो यीशु की शरण में आओ”, को क्‍या कहेंगे।

2. व‍िदेशी फार्मा कंपन‍ियों के साथ दशकों पुरानी लॉब‍िंग से भारी धन लेकर उनके प्रोडक्‍ट का प्रचार, आयुर्वेद सह‍ित अन्‍य च‍िक‍ित्‍सा पद्धत‍ियों के प्रत‍ि घृणा और भ्रम को बढ़ाना क्‍या है, इसके ल‍िए संस्‍था को व‍िदेशों से भारी रकम भी प्राप्‍त हुई।

3.  आईएमए ने 2007 में Pepsico कंपनी से 50,00,000 में उसके उत्‍पादों का व‍िज्ञापन करने का करार क‍िया जबक‍ि ट्रॉप‍िकाना जूस, सीर‍ियल, ओट्स सह‍ित उसके सभी प्रोडक्‍ट भारी कैलोरीज, बच्‍चों की लंबाई कम करने और मोटापा बढ़ाने वाले साब‍ित हुए। #CorporateDalals की भंत‍ि ब्रि‍टिश कंपनी Reckitt के उत्‍पाद Dettol Soap, Dettol व Lyzol को प्रचार‍ित क‍िया, इसी कड़ी में Dabur, ICICI , procter & gamble , Abbott india भी तो हैं।

4. इसी तरह एलईडी बल्ब, वॉल पेंट, पंखे, साबुन, तेल, वाटर प्यूरीफायर आदि को सर्टिफिकेट बांटना है? दरअसल रामदेव की वजह से उनकी दुकान बंद है, जिनकी स्थानीय/विदेशी कंपनियां पैसे से सर्टिफिकेट बांट रही हैं।

5. इसके अलावा प्लाईवुड, कोलगेट, टायलेट क्लीनर आदि प्रोडक्ट्स को बैक्टीरिया फ्री, वायरस फ्री और अमका फ्री ढिमका फ्री का सर्टिफिकेट भी तो आईएमए ही बांट रही है।

6. संस्‍था पदाध‍िकारी सह‍ित कमोवेश सभी ऐलोपैथ‍िक डॉक्‍टर्स व‍िदेश यात्रायें, बच्‍चों की पढ़ाई और मीट‍िंग्‍स,कॉ्रेंसेस तक स्‍पांसर कराते हैं, आख‍िर ये उसे कैसे जायज ठहरायेंगे। उनके पास फार्मा कंपनी के साथ साथ पैथ लैब्स,  मेडिकल र‍िप्र‍िजेंटेट‍िव, मेडिकल स्‍टोर्स के साथ साथ स्‍वयं की ऊंची फीस व हर स्‍टेप पर कमीशनखोरी से होने वाली अत‍िर‍िक्‍त कमाई के व्यवसायि‍क मॉडल पर है कोई जवाब।

आईएमए के ल‍िए बाबा का मौजूदा बयान तो बहाना बन गया क्‍योंक‍ि बाबा के देशी प्रोडक्‍ट इस संस्‍था के ईसाई धर्मांतरण मानस‍िकता वाले अध्‍यक्ष डॉ. जॉनरोज ऑस्टीन जयलाल को वैयक्‍त‍िक रूप से और संस्‍था से जुड़े व‍िदेशी ब्रांड्स को आर्थ‍िकरूप से नुकसान पहुंचा रहे थे, सो ये तो पुरानी खुन्‍नस है, न‍िकलनी ही थी।

बाबा का कुसूर इतना था क‍ि उन्‍होंने बड़बोलापन द‍िखाते हुए आचार्य सुश्रुत द्वारा “निदान स्थानम” में ल‍िखी बात ही दोहरा दी थी क‍ि-
“यद‍ि कोई एक चिकित्सा उपचार, बीमारी (जैसे क‍ि कोरोना) के कारण का इलाज करने में विफल रहता है और इसके अपने दुष्प्रभाव (sideeffect) होते हैं जिससे कई अन्य बीमारियां (Black fungus) जन्‍म लेती हों तो वह एक “असफल चिकित्सा पद्धति” है।

ज़ाह‍िर है कि लगभग  7000 cr के कोव‍िड धंधे में हजारों करोड़ के प्राइवेट हॉस्पिटल, ज‍िनका एक-एक दिन का चार्ज लाखों मेें होता है, की अगर कोई ऐसे पोल खोलेगा तो बुरा तो लगेगा ही ना, आईएमएम को भी लग गया और ठोक द‍िया बाबा पर मुकद्दमा, देखते हैं अब ऊँट क‍िस करवट बैठता है।

– सुम‍ित्रा स‍िंह चतुर्वेदी

http://abchhodobhi.blogspot.com/2021/05/ima.html

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *