हिंसक हुआ किसान आंदोलन, तो हाथ जोड़ने लगे योगेन्‍द्र यादव

नई दिल्‍ली। गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली हिंसक प्रदर्शन में बदल गई है। देश की राजधानी दिल्ली से किसान और पुलिस के बीच झड़प की चिंताजनक तस्वीरें सामने आ रही हैं। प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने लाल किले में कूच कर झंडा फहरा दिया। स्थिति को काबू में करने की कोशिश कर रही पुलिस पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की गई। इस बीच नेता और संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य योगेंद्र यादव सोशल मीडिया पर लगातार ट्रेंड कर रहे हैं। एक समाचार चैनल से बातचीत में योगेंद्र यादव ने किसानों से अपील की कि किसी तरह की हिंसा और तोड़-फोड़ में शामिल न हों।
‘वर्दी में खड़ा जवान हमारे लिए किसान’
योगेंद्र यादव ने कहा कि ‘अगर किसी ने भी वर्दीवाले के ऊपर वाहन चढ़ाने की कोशिश की है तो यह निंदनीय है, पूरी तरह अनुशासन से बाहर है। यह घृणित है और स्वीकार नहीं है। हम बार-बार मंच से कहते रहे हैं कि ये जो वर्दी में जवान है, ये तो वर्दी में खड़ा किसान है इससे हमारा कोई झगड़ा नहीं है। अगर ऐसी कोई भी हरकत हुई है तो हम इसकी पूरी तरह से निंदा करते हैं।’
‘पुलिस ने जो रूट दिया, उसका पालन करें’
प्रदर्शनकारियों से अपील करते हुए योगेंद्र यादव ने कहा, ‘दोबारा अपील करना चाहता हूं संयुक्त किसान मोर्चा के तमाम किसानों से पुलिस ने जो रूट दिया है, उसी पर टिके रहें। हमारी तरफ से किसी तरह की हिंसा न हो, कोई तोड़फोड़ न हो।’ योगेंद्र यादव ने आगे कहा, ‘मैं जानता हूं कि 90 फीसदी लोगों ने अनुशासन बनाए रखा है लेकिन 2- 5 फीसदी लोगों की वजह से पूरा आंदोलन बदनाम हो रहा है।’
‘लाल किले में किसानों का झंडा फहराना गलत’
किसानों की हिंसा पर योगेंद्र यादव ने कहा, ‘हम पता करेंगे कि आंदोलन में हिंसा किसने फैलाई। किसानों का बवाल शर्मिंदगी का विषय है, लाल किले के प्राचीर में किसानों का झंडा फहराना गलत है। प्रदर्शनकारी किसानों से शांति की अपील करता हूं।’
किसान नेताओं ने झाड़ा पल्ला
प्रदर्शनकारियों के हंगामे और पुलिस पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश पर किसान नेताओं ने भी पल्ला झाड़ लिया है। भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, ‘रैली शांतिपूर्ण तरीके से हो रही है। मुझे इसकी (हिंसक झड़प) कोई जानकारी नहीं है। हम गाजीपुर पर है और यहां ट्रैफिक रिलीज कर रहे हैं।’
-एजेंसियां

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