सेहत पर भी पड़ता है सकारात्मक होने का असर

सकारात्मक होने का असर सेहत पर भी पड़ता है। ज्यादातर वे लोग सफलता को छू पाते हैं जो अपनी जिंदगी में काफी पॉजिटिव होते हैं। सकारात्मक और आशावादी होने से जिंदगी काफी आसान हो जाती है। स्टडीज के मुताबिक आशावादी नजरिया रखने वाले लोगों का हृदय दुरुस्त रहता है और इम्यून सिस्टम भी ज्यादा मजबूत रहता है। हालांकि जिंदगी में कई मौके आते हैं जो आपके विपरीत हों और ऐसे में आपका निराश होना भी स्वाभाविक है। आपकी कोशिश होनी चाहिए कि ये नकारात्मकता आपको ज्यादा परेशान न कर पाए और जल्द से जल्द दूर हो जाए।
अपने साथ होने वाली अच्छी बातों को याद रखें और उनके लिए अपने परिवार वालों और दोस्तों के प्रति कृतज्ञ रहें, उन्हें धन्यवाद दें। नकारात्मक लोग अच्छी से अच्छी परिस्थिति में भी छोटी-छोटी बातों की शिकायत करते हैं और अपने साथ-साथ अपने आसपास के लोगों के लिए भी नकारात्मक माहौल बना देते हैं। आपको जरूरत है छोटी-छोटी बातों में भी खूबियां ढूंढकर लोगों को उसके लिए शुक्रिया करने की। इससे आप औप आपके आसपास के लोग भी अच्छाईयों की तरफ देख सकेंगे।
स्टडीज के अनुसार नकारात्मक लोग दुनिया की बुरी चीजों पर ही ज्यादा ध्यान देते हैं। इससे वे अक्सर गुस्से में या उदास रहते हैं और बुरी परिस्थिति में फंस जाते हैं। यह आपके काम को भी प्रभावित करता है क्योंकि ऐसे में आप वर्तमान छोड़कर किसी कल्पना में खो जाते हैं। इस स्थिति से बचने के लिए आपको करना बस इतना है कि सामने किसी को भी देखकर मुस्कुरा दीजिए। सामने वाला भी पलटकर मुस्कुराएगा और किसी नकारात्मक कल्पना में खोने की बजाए आप खुशी-खुशी अपने काम पर ध्यान दे पाएंगे।
आपको जो करना पसंद है, वह करते रहना सकारात्मक बने रहने का आसान तरीका है। जितनी चाहे मस्ती कीजिए। आपको बच्चों जैसी हरकतें करना, खेलना पसंद है, तो बेहिचक करिए। बुजुर्गों से बात करिए, बच्चों के साथ खेलिए, बस आपका उद्देश्य खुश रहना और दूसरों को खुश करना होना चाहिए।
अगर आपको कोई छोटी सी बात भी अच्छी लगती है, तो उसकी भी तारीफ करने की आदत डालिए। यह किसी के काम की तारीफ हो सकती है, किसी के पहनावे की, किसी के खाने की आदि। यदि आपको कोई व्यक्ति, उसका स्वभाव पसंद है, तो आपको अपनी भावनाएं भी जाहिर करनी चाहिए। लोगों को बताइए कि आप उनसे प्यार करते हैं या आपको उनकी फलां-फलां बात काफी पसंद है।
-एजेंसी