नाट्य शास्त्री और रंगकर्मी डाॅ. ब्रज वल्लभ मिश्र का निधन

मथुरा। मथुरा के मूल निवासी और भरत मुनि संस्कृत नाट्य शास्त्र के हिन्दी अनुवादक, देश के शीर्षस्थ नाट्य शास्त्री, सौ से अधिक नाटकों के निर्देशक, रंगकर्मी, कवि, साहित्यकार, श‍िक्षाविद् डाॅ. ब्रज वल्लभ मिश्र का 91 वर्ष की आयु में जलगाँव (महाराष्ट्र) में निधन हो गया।

डाॅ. मिश्र किशोरी रमण डिग्री कॉलेज के हिन्दी विभाग से सेवा निवृत्ति के पश्चात् अपने पुत्र डाॅ. अंशुमान मिश्र के साथ जलगाँव में रह रहे थे। उनके निधन पर डाॅ. मिश्र के अन्तरंग मित्र व स्वास्तिक रंगमंडल के संस्थापक अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष पद्मश्री मोहन स्वरूप भाटिया ने कहा है कि डाॅ. मिश्र बाल्यकाल से ही अद्भुत प्रतिभा सम्पन्न थे। मात्र 12 वर्ष की अल्पायु में उनके बाल – कविता संग्रह प्रकाश‍ित हुए थे। उनके नाट्य शास्त्र अनुवाद की भूमिका डाॅ. राम कुमार वर्मा ने लिखी थी

मोहन स्वरूप भाटिया ने कहा कि मुम्बई प्रवास में उन्होंने पृथ्वीराज कपूर के साथ नाटकों में भाग लिया। उस समय के कई फिल्म निर्देशकों तथा आज के सुप्रसिद्ध कलाकारों ने उनसे मार्ग दर्शन प्राप्त किया था।

उन्होंने कहा कि अब से 44 वर्ष पूर्व डाॅ. मिश्र ने नाटक ‘रंगमहल’ में ‘बाबा’ की जीवन्त भूमिका की थी जिसे आज भी सराहना के साथ स्मरण किया जाता है।

डाॅ. मिश्र ने पत्नी श्रीमती शारदा मिश्रा, सुनीति आचार्य व सुकीर्ति आचार्य (पुत्रियाँ) तथा डाॅ. अंशुमान मिश्र के साथ अपने हजारों प्रशंसकों को छोड़ा है।

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