जवानों की शहादत को देश नहीं भूलेगा: रक्षा मंत्री राजनाथ

नई दिल्‍ली। लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का पहला बयान सामने आ गया है। उन्होंने शहीद हुए सैनिकों के लिए दुख जताया और कहा कि मुश्किल वक्त में देश कंधे से कंधा मिलकर खड़ा है। उन्होंने कहा कि जवानों की शहादत को देश नहीं भूलेगा। चीन की तरफ से हुई हिंसा में भारत ने अपने 20 जवान खो दिए हैं। यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है। इस हिंसा में नुकसान चीन को भी हुआ है, इसके 40 जवान हताहत बताए जा रहे।
राजनाथ सिंह ने लिखा, ‘गलवान में सैनिकों की शहादत बेहद दुखद और परेशान करने वाली है। जवानों ने बहादुरी दिखाते हुए अपने फर्ज को निभाया और शहीद हो गए।’ राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि देश जवानों की शहादत को कभी नहीं भूलेगा और मैं शहीदों के परिवार के साथ हूं। मुश्किल वक्त में देश कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। हमें भारतीय सैनिकों की बहादुरी पर गर्व है।
तुरंत एक्शन में आए थे राजनाथ सिंह
मंगलवार को जैसे ही लद्दाख सीमा पर हिंसक झड़प की खबरें आईं उसके तुरंत बाद राजनाथ सिंह की बैठकों का दौर शुरू हो गया था। मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ लगातार दो बैठकें की। बैठकों के बाद राजनाथ सिंह ने ही पूरे हालात की जानकारी पीएम नरेंद्र मोदी को दी थी।
राजनाथ सिंह ने विदेश मंत्री एस जयशंकर, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ बैठक की थी। इसमें पूर्वी लद्दाख में जमीनी हालात की व्यापक समीक्षा की गई। किसी भी हालात से निपटने के लिए भारत की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया गया था। इसके बाद रक्षा मंत्री ने दोपहर में विदेश मंत्री जयशंकर, थल सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के साथ एक और बैठक की थी।
-एजेंसियां

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