ताइवान को लेकर चीन और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर, चीन ने युद्धाभ्‍यास का ऐलान किया

पेइचिंग। दक्षिण चीन सागर में ताइवान को लेकर चीन और अमेरिका के बीच तनाव अब और गहराता जा रहा है। परमाणु हथियारों लैस अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस थियोडोर रुजवेल्‍ट के साउथ चाइना सी में आने के बाद चीन ने ऐलान किया है कि वह इस सप्‍ताह युद्धाभ्‍यास करने जा रहा है। चीन ने एक नोटिस जारी करके 27 जनवरी से लेकर 30 जनवरी के बीच में टोनकिन की खाड़ी के पास मछली पकड़ने पर रोक लगा दी है।
चीन ने यह नहीं बताया है कि वह क‍ब युद्धाभ्‍यास करेगा और इसकी व्‍यपाकता क्‍या होगी। इससे पहले जो बाइडेन के राष्‍ट्रपति बनने के बाद शनिवार को अमेरिकी विमानवाहक पोत ‘समुद्र की सुरक्षा’ को सुनिश्चित करने के लिए साउथ चाइना सी में पहुंचा था। अब दक्षिण चीन सागर अमेरिका और चीन के बीच शक्ति प्रदर्शन का मैदान बनता जा रहा है। टोकिंन की खाड़ी वियतनाम के ठीक पूर्व में है जिसके साथ चीन का विवाद चल रहा है।
चीन के व‍िमान ताइवानी एयरस्पेस से भाग खड़े हुए
इससे पहले चीन ने रविवार को लगातार दूसरे दिन ताइवानी एयरस्पेस में अपने 15 लड़ाकू विमानों की घुसपैठ कराई। इसके बाद हरकत में आए ताइवानी एयरफोर्स ने अपनी मिसाइलों का मुंह चीन के विमानों की तरफ मोड़ दिया। इतना ही नहीं, ताइवानी एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने तुरंत उड़ान भरकर चीन को जवाबी कार्यवाही की चेतावनी भी दी। ताइवान के चेतावनी के बाद चीन के व‍िमान ताइवानी एयरस्पेस से भाग खड़े हुए।
शनिवार को भी चीन ने ताइवान के वायुक्षेत्र में अपने 8 एच-6के परमाणु बॉम्बर्स को उड़ाया था। इनके साथ चार की संख्या में जे-16 लड़ाकू विमानों का दस्ता भी मौजूद था। ताइवान की जवाबी कार्रवाई के बाद चीन के विमान भाग गए थे। बताया जा रहा है कि अमेरिकी राजनयिक की ताइवान यात्रा से चीन भड़का हुआ है। इस कारण दोनों देशों के बीच तनाव में फिर से इजाफा देखा जा रहा है।
ताइवानी मिसाइलों का मुंह चीन की तरफ
मंत्रालय ने कहा, ताइवान की वायु सेना ने चीनी विमानों को चेतावनी दी है और उनकी निगरानी के लिए मिसाइलों को तैनात किया है। घुसपैठ की जानकारी मिलते ही एयरबोर्न अलर्ट के स्तर को भी बढ़ा दिया गया। रेडियो चेतावनियां जारी की गईं और हवाई रक्षा मिसाइल सिस्टम को इस गतिविधि पर नजर रखने के लिए तैनात किया गया है। चीन के जिन विमानों ने ताइवान की वायुसीमा में रविवार को घुसपैठ की उसमें दो Y-8 एंटी सबमरीन एयरक्राफ्ट, दो सुखोई SU-30 लड़ाकू विमान, चार J-16 लड़ाकू विमान, छह J-10 लड़ाकू विमान और एक Y-8 मैरीटाइम एयरक्राफ्ट शामिल था। इससे पहले शनिवार को चीन के आठ H-6K और चार J-16 लड़ाकू विमानों की घुसपैठ की थी।
-एजेंसियां

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