ऑक्सीजन की कमी को दूर करने में मदद करेगा टाटा ग्रुप

नई दिल्ली। देश में कोविड-19 संक्रमण के मामले रोज नया रिकॉर्ड बना रहे हैं और इसके गंभीर मरीजों के इलाज के लिए ऑक्सीजन की कमी की खबरें आ रही हैं।
इस बीच देश का सबसे बड़े औद्योगिक समूह टाटा ग्रुप Tata Group ने संकट की इस घड़ी में मदद का हाथ आगे बढ़ाया है। टाटा ग्रुप लिक्विड ऑक्सीजन ले जाने के लिए 24 क्रायोजेनिक कंटेनरों का आयात करेगा और साथ ही देश में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने में मदद करेगा।
टाटा ग्रुप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘टाटा समूह तरल ऑक्सीजन के परिवहन के लिए 24 क्रायोजेनिक कंटेनरों का आयात कर रहा है और देश में ऑक्सीजन की कमी को कम करने में मदद कर रहा है।’
ऑक्सीजन संकट को कम करने के लिए चार्टर्ड उड़ानों के जरिए क्रायोजेनिक कंटेनरों का आयात किया जा रहा है। क्रायोजेनिक कंटेनर को लिक्विड सिलेंडर भी कहा जाता है। यह double-walled vacuum vessels होता है जिसें एनुलर स्पेस में मल्टीलेयर इंसुलेशन होता है। इन्हें लिक्विफाइड गैस के ट्रांसपोर्टेशन और स्टोरेज के लिए खासतौर पर डिजाइन किया जाता है।
पहले भी की है मदद
इससे पहले भी टाटा ग्रुप ने कोरोना से लड़ने में मदद का हाथ बढ़ाया है। पिछले साल महामारी की पहली लहर के दौरान टाटा समूह ने वेंटिलेटर, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट, मास्क, दस्ताने और परीक्षण किट का इंतजाम किया था। कोरोना वायरस महामारी का मुकाबला करने के लिए समूह ने 1,500 करोड़ रुपये देने का वादा किया था।
मोदी ने की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में ऑक्सीजन की कमी से सामूहिक रूप से निपटने के लिए दवा उद्योग सहित सभी हितधारकों का आह्वान किया था। साथ ही कहा कि ऑक्सीजन प्रोडक्शन और सप्लाई को बढ़ाने के लिए भी कई स्तरों पर उपाय किए जा रहे हैं। इस बीच मोदी ने टाटा ग्रुप के इस कदम को स्वागत योग्य बताते हुए तारीफ की। उन्होंने साथ ही कहा कि मिलकर भारत के लोग कोरोना महामारी से लड़ेंगे।
ऑक्सीजन की भारी किल्लत
इस बीच राजधानी दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में ऑक्सीजन की कमी की खबरें आ रही हैं। देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 295041 मामले आए हैं जो एक दिन में अब तक आए सबसे अधिक मामले हैं। इससे राजधानी दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में ऑक्सीजन की भारी किल्लत हो गई है। राजधानी के कई अस्पतालों में तो केवल 3 घंटे का स्टॉक रह गया है। कुछ अस्पतालों में केवल एक दिन का स्टॉक रह गया है।
-एजेंसियां

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