बगिया के सभी फूल सुन्दर: सतत विकास के लिए लैंगिक समानता ज़रूरी

एशिया पैसिफ़िक क्षेत्र सहित विश्व के प्रत्येक देश के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि सभी व्यक्तियों के लिए सम्मान

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सभ्य समाज में लैंगिक और यौनिक हिंसा कैसे?

अनेक देशों में पितृसत्तात्मक व्यवस्था के चलते उत्पन्न गहरी लैंगिक असमानताएं तथा भेदभाव पूर्ण सामाजिक-सांस्कृतिक प्रथाएँ हैं और इस क्षेत्र

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120 माह शेष: क्या हम 2030 तक AIDS free हो पाएँगें?

कोविड महामारी से एक सीख स्पष्ट है कि स्वास्थ्य सुरक्षा न सिर्फ अर्थव्यवस्था के लिए ज़रूरी है, बल्कि ‘सबका साथ

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विकलांग सोच ही विकलांगों के जीवन को कठिन बनाती है

अक्सर हमारी विकलांग सोच ही शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के जीवन को कठिन बना देती है। वे अपनी शारीरिक

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यूनिसेफ की रिपोर्ट: शादी कोई गुड्डे गुड़िया का खेल नहीं है

यूनिसेफ की एक रिपोर्ट के अनुसार विश्व में 65 करोड़ महिलाओं और लड़कियों की शादी बचपन में ही कर दी

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महिला स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए ज़रूरी है समानता

भारत समेत एशिया पैसिफिक क्षेत्र के अनेक देशों की अधिकांश महिलाओं के लिए प्रजनन न्याय (रिप्रोडक्टिव जस्टिस) तक पहुँच एक

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अनचाहे गर्भ का खतरा कम करता है आपातकालीन गर्भनिरोधक

आज के आधुनिक युग में भी परिवार नियोजन और सुरक्षित यौन संबंध की ज़िम्मेदारी महिलाओं पर ही अधिक है। इसके

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जलवायु परिवर्तन और महिला स्वास्थ्य में क्या है संबंध?

जलवायु परिवर्तन के हमले को झेलने में भारत समेत एशिया पैसिफिक क्षेत्र के देश सबसे आगे हैं। पिछले तीस वर्षों

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खेल-खेल में चर्चा: स्वास्थ्य, लैंगिक समानता और मानवाधिकार

यह तो सर्वविदित है कि शारीरिक व्यायाम और खेलकूद हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक हैं, परन्तु

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परिवार नियोजन क्या अकेले महिलाओं का ही दायित्व है?

भारत समेत विश्व के अनेक देशों में परिवार नियोजन को मुख्य रूप से केवल महिलाओं का ही मुद्दा माना जाता

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