संकट की घड़ी में साथ देने के लिए स्‍विट्जरलैंड ने आलप्स के मैटरहॉर्न पर्वत को तिरंगे से कवर किया

कोरोना वायरस से निपटने में भारत की तैयारियों की WHO सहित कई देशों ने तारीफ की है। और अब इस कड़ी में स्विट्जरलैंड भी जुड़ गया है जहां स्विस आलप्स के मैटरहॉर्न पर्वत को रोशनी की मदद से तिरंगे से कवर कर दिया गया।
भारत के लिए इस सम्मान की वजह यह भी है कि संकट की घड़ी में भारत ने एशिया हो या अफ्रीका, यूरोप या अमेरिका हर देश की मदद की है। पीएम मोदी ने तिरंगे के रंग से नहाए पर्वत की तस्वीर खुद रीट्वीट की है और कहा कि दुनिया कोविड19 के खिलाफ एकजुट होकर लड़ रही है। महामारी पर निश्चित रूप से मानवता की जीत होगी।’
लाइट आर्टिस्ट गैरी ने दिखाई भारत-स्विट्जरलैंड की दोस्ती
14,690 फुट ऊंचे पर्वत को तिरंगे के रंग से रोशन करने का काम किया है स्विट्जरलैंड के लाइट आर्टिस्ट गैरी हॉपस्टेटर ने। भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी और विश्व व्यापार संगठन में भारत की सेकंड सेक्रटरी गुरलीन कौर ने ट्वीट किया, ‘ स्विट्जरलैंड ने दिखाया है कि वह कोविड19 से लड़ने में भारत के साथ खड़ा है। प्रति हिमालस से आल्पस तक दोस्ती। जरमैट टूरिजम आपका आभार।’
‘स्टे होम’ का संदेश भी दे चुका है पर्वत
इटली-स्विट्जरलैंड की सीमा पर मौजूद 4478 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद इस पर्वत के जरिये गैरी पहले भी ‘स्टे होम’ का संदेश दे चुके हैं। स्विट्जरलैंड में 19 अप्रैल को लॉकडाउन समाप्त हो रहा है। गैरी का लक्ष्य इस अवधि तक देश की इमारतों, स्मारकों और पर्वत के जरिये लोगों को कोरोना से लड़ने का संदेश देना है। इसी के तहत उन्होंने तिरंगे को पर्वत पर जगह दी।
-एजेंसियां

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