स्विट्जरलैंड सरकार विजय माल्या के बैंक खातों का ब्योरा सीबीआई को सौंपने के लिए तैयार

लंदन। सरकारी बैंकों से कर्ज लेकर देश से भागे कारोबारी विजय माल्या के खातों का ब्योरा स्विट्जरलैंड सरकार सीबीआई को सौंपने को तैयार है। माल्या ने स्विट्जरलैंड की सर्वोच्च अदालत के सामने सीबीआई में नंबर 2 रहे राकेश अस्थाना पर भ्रष्टाचार के आरोप के मुद्दे को उठाकर इसमें बाधा पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रहा।
अब सीबीआई के आग्रह पर स्विट्जरलैंड सरकार उससे जुड़े बैंक खातों की जानकारी देने जा रही है। शराब कारोबारी विजय माल्या सरकारी बैंकों का कर्ज लेकर ब्रिटेन भाग चुका है।
सीबीआई ने स्विस अथॉरिटीज से अपील की थी कि माल्या के 4 बैंक खातों में मौजूद फंड को ब्लॉक कर दिया जाए। जिनेवा के सरकारी अभियोजक ने 14 अगस्त 2018 को ना केवल उस आग्रह पर सहमति जताई, बल्कि उसके तीन अन्य खातों और उससे जुड़ी पांच कंपनियों का ब्योरा साझा करने की बात कही।
ब्योरा साझा करने के फैसले का विरोध करते हुए माल्या की स्विस लीगल टीम स्विट्जरलैंड के सुप्रीम कोर्ट पहुंची और दलील दी कि भारत में प्रक्रिया में गंभीर खामी है क्योंकि माल्या के खिलाफ जांच कर रहे सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ही भ्रष्टाचार के आरोपी हैं। माल्या ने मानवाधिकार पर यूरोपियन कन्वेंशन के आर्टिकल 6 का भी सहारा लिया।
स्विट्जरलैंड के फेडरल सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा कि माल्या विदेशी प्रक्रिया में खामी निकालने को अधिकृत नहीं है। वह किसी तीसरे देश में रह रहा है और भारत का प्रत्यर्पण लंबित है। क्रिमिनल प्रक्रिया के सवाल पर संबंधित देश फैसला करेगा, जहां वह रह रहा है।
स्विस कोर्ट के मुताबिक ब्लॉक किए जा रहे 4 अकाउंट में से एक विजय माल्या के नाम है और तीन अन्य ड्रायटन रिसोर्सेज, ब्लैक फॉरेस्ट होल्डिंग्स, और हैरिसन फाइनैंस के हैं।
गौरतलब है कि शराब कारोबार विजय माल्या सरकारी बैंकों से 9 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेकर विलफुल डिफॉल्टर हो गया। वह देश छोड़कर ब्रिटेन में रह रहा है।
-एजेंसियां

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