स्‍वरा भास्‍कर को कोरोना के कहर की नहीं, कुछ खास बंदियों की चिंता

नई दिल्‍ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर को कोरोना के कहर से कहीं अधिक कुछ खास बंदियों की चिंता सता रही है। स्‍वरा भास्‍कर ने जेल में बंद इन कथित राजनीतिक बंदियों को रिहा करने की मांग की है।
स्वरा भास्कर ने दिल्ली दंगों और भीमा-कोरेगांव मामले से लेकर नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों में बंद विभिन्न आरोपियों को रिहा किए जाने वाली ऑनलाइन याचिका का समर्थन किया।
अखिल गोगोई
असम में कृषक मुक्ति संग्राम समिति के अगुआ अखिल गोगोई को दिसंबर 2019 में जोरहाट में गिरफ्तार किया गया था। अखिल के खिलाफ सीएए विरोध और हिंसा को लेकर अलग-अलग थानों में कम से कम एक दर्जन मुकदमे दर्ज किए गए थे। उन्हें 3 मामलों में जमानत मिल चुकी है जबकि कुछ अन्य लंबित हैं। वह 16 महीने से जेल में बंद हैं। असम के हाल ही में हुए विधान सभा चुनाव में सिबसागर से चुनाव लड़े और जीत दर्ज की है।
कप्पन सिद्दिकी
केरल के कथित पत्रकार कप्पन सिद्दिकी को यूपी पुलिस ने हाथरस घटना की कवरेज के लिए जाते वक्त गिरफ्तार किया था। कप्पन के खिलाफ यूएपीए और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज है। तबीयत खराब होने के बाद पिछले महीने 28 तारीख को सुप्रीम कोर्ट ने कप्पन को इलाज के लिए दिल्ली शिफ्ट करने का आदेश दिया था। इससे पहले कप्पन को मथुरा जेल में रखा गया था। सिद्दीकी कप्पन का दावा है कि वह तेजस अखबार के पत्रकार हैं लेकिन वह न्यूज़ पेपर तीन साल पहले ही बंद हो चुका है।
फादर स्टेन
84 साल के ट्राइबल राइट एक्टिविस्ट फादर स्टैन को भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में एनआईए ने गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी उनके घर रांची से पिछले साल 7 अक्टूबर को हुई थी। फिलहाल ये नवी मुंबई की तलोजा जेल में बंद हैं। अदालत ने इनकी मेडिकल आधार पर जमानत याचिका 17 मई तक के लिए स्थगित कर दी है। इनकी जमानत की दूसरी याचिका भी 15 जून तक के लिए स्थगित हो गई है।
​जीएन साइबाबा
माओवादियों से संबंध के चलते नागपुर केंद्रीय कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर जीएन साईबाबा कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। पिछले महीने दिल्ली यूनिवर्सिटी ने रामलाल आनंद कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर जीएन साईबाबा की सेवा समाप्त कर दी। अंग्रेजी के असिस्टेंट प्रोफेसर साईबाबा को 2014 में महाराष्ट्र पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद सस्पेंड कर दिया गया था।
शरजील इमाम
अलीगढ़ मुसलिम विश्वविद्यालय में सीएए-एनआरसी विरोधी धरने में देश बांटने संबंधी बयान देने वाले जेएनयू छात्र शरजील इमाम पर राष्ट्रद्रोह का केस है। शरजील ने यह बयान पिछले साल जनवरी में दिया था। इसका वीडियो वायरल होने के बाद 25 जनवरी को केस दर्ज किया गया था। शरजील फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं।
वरवरा राव
भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में आरोपी वरवरा राव को बॉम्बे हाईकोर्ट ने मेडिकल आधार पर सशर्त जमानत दे रखी है। शर्त के अनुसार 82 वर्षीय वरवरा राव को मुंबई में ही रहना होगा और जांच के लिए उपस्थित होना होगा। वरवरा राव को भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार किया गया था।
​उमर खालिद
उमर खालिद पिछले साल फरवरी में दिल्ली में हुए दंगों के मामले में आरोपी है। उमर खालिद को पिछले साल अक्टूबर में खजूरी खास इलाके में हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उमर खालिद के पिता ने दो दिन पहले ही ट्वीट कर उमर खालिद के कोविड-19 नेगेटिव होने की जानकारी दी। इससे पहले दिल्ली की एक अदालत ने करीब तीन सप्ताह पहले उमर खालिद को जमानत दे दी थी लेकिन यूएपीए के तहत अन्य मामले की वजह से वह जेल में ही बंद है।
खालिद सैफी
पिछले साल दिल्ली में हुए दंगे में खालिद सैफी का भी नाम आया था। सैफी पर चांद बाग में हिंसा की साजिश में शामिल होने का आरोप है। सैफी के गिरफ्तार होने के बाद से उसकी फोटो आप नेताओं के साथ सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं। खालिद सैफी यूनाइटेड अगेंस्ट हेट नाम का संगठन चलाता है। सैफी खुद को समाजसेवी बताता है। खालिद ने नागरिकता कानून के विरोध में हुए प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था। पिछले महीने हुई सुनवाई में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें उसने दिल्ली दंगा के आरोपी खालिद सैफी को हथकड़ी लगाकर कोर्ट में पेश किए जाने की अनुमति मांगी थी। फिलहाल खालिद सैफी जमानत पर है।
​सुधा भारद्वाज
सुधा भारद्वाज एक मशहूर एडवोकेट है। फिलहाल नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली की विजीटिंग प्रोफेसर और पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज की राष्ट्रीय सचिव है। सुधा भारद्वाज को भीमा-कोरेगांव केस के सिलसिले में पिछले साल गिरफ़्तार किया गया था। सुधा भारद्वाज की बेटी का दावा है कि जेल में हुए ‘तनाव के कारण’ उनकी मां को दिल की बीमारी हो गई है।
देवांगना कलिता
जेएनयू की छात्रा देवांगना कलिता को दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। कलिता पर दंगों से जुड़े मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत एफआईआर दर्ज है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि कलिता बड़ी साजिश का हिस्सा थी जिससे देश की एकता अखंडता और समरसता को खतरा पैदा हो सकता।
-एजेंसियां

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