हरियाणा में सस्पेंस खत्म, दुष्यंत चौटाला बनेंगे डेप्युटी सीएम

चंडीगढ़। हरियाणा में डेप्युटी सीएम पद का सस्पेंस खत्म हो गया है। जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला ही डेप्युटी सीएम बनेंगे। इसी के साथ मनोहर लाल खट्टर रविवार दोपहर सवा दो बजे सीएम पद की शपथ लेंगे। वह हरियाणा के दूसरी बार सीएम बनने जा रहे हैं। राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद मनोहर लाल खट्टर ने कहा, ‘रविवार को मुख्यमंत्री पद व उप मुख्यमंत्री पद की शपथ निश्चित है और मंत्रिमंडल के बाकी सदस्यों की कल जानकारी दी जाएगी।’
इससे पहले हरियाणा में जेजेपी के खाते में आई डेप्युटी सीएम पद को लेकर सस्पेंस था। यह भी खबर थी कि दुष्यंत यह पद अपनी मां और चरखी दादरी की बाढड़ा सीट से विधायक नैना चौटाला को सौंप सकते हैं। हालांकि अब दुष्यंत खुद ही यह कुर्सी संभालेंगे। दुष्यंत चौटाला ने कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भी पलटवार किया है। दुष्यंत ने कहा कि क्या हमने कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस वह पार्टी है जिसे देवीलाल ने 70 के दशक में छोड़ दिया था। दुष्यंत ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम लिए बिना उन पर पलटवार किया है।
राज्यपाल के सामने किया सरकार बनाने का दावा पेश
दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के साथ डील फाइनल होने के बाद अब बीजेपी सरकार बनाने की तैयारियों में जुट गई है। चंडीगढ़ में केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में बीजेपी के विधायक दल की बैठक हुई। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, मनोहर लाल खट्टर और दुष्यंत चौटाला आज राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से मिले और सरकार बनाने का दावा पेश किया।
दो डेप्युटी CM की अटकलें खारिज
कहा यह भी जा रहा था कि हरियाणा में दो डेप्युटी सीएम बनाए जाएंगे लेकिन यह अटकल खारिज की जा चुकी है। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट कहा कि ऐसे किसी विचार पर कोई चर्चा नहीं हुई। पहले अटकलें लगाई जा रही थीं कि जेजेपी के साथ बीजेपी से भी एक डेप्युटी सीएम बनाने पर मंथन चल रहा है। आपको बता दें कि बीजेपी-जेजेपी की डील में तय हुआ है कि हरियाणा में सीएम बीजेपी और डेप्युटी सीएम की कुर्सी जेजेपी के पास रहेगी।
सीएम खट्टर ही होंगे
इससे पहले बीजेपी की विधायक दल की बैठक में खट्टर के सीएम बनाए जाने का पक्ष साफ हो गया। बीजेपी आलाकमान के मुताबिक ही शनिवार दोपहर चंडीगढ़ के यूटी गेस्ट हाउस में हुई बैठक में उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया। बैठक में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, रविशंकर प्रसाद और बीजेपी के महासचिव अरुण सिंह भी बतौर पर्यवेक्षक मौजूद रहे। बीजेपी संसदीय बोर्ड द्वारा अधिकृत किए जाने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने निर्मला सीतारमण और अरुण सिंह को हरियाणा में सरकार गठन की प्रक्रिया की निगरानी के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। चंडीगढ़ में ही जेजेपी के विधायकों की भी मीटिंग होने जा रही है।
अब बीजेपी के पक्ष में है सीटों का गणित
हरियाणा में कुल 90 सीटों के लिए हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी को इस बार 40 सीटें मिली हैं, जो बहुमत से 6 सीटें कम हैं। ऐसे में बीजेपी ने 10 विधायकों वाली दुष्यंत चौटाला की जेजेपी और आठ निर्दलीयों के समर्थन से सरकार बनाने का फैसला किया। बीजेपी ने गीतिका शर्मा सुसाइड केस में आरोपी गोपाल कांडा का समर्थन नहीं लिया है।
-एजेंसियां

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