सूरत: अब सरकारी ऑफिस से लकेर श्‍मशान तक में चल रही हैं कोचिंग क्‍लासेस

अहमदाबाद। सूरत हादसे के बाद से राज्य में हजारों ट्यूशन क्लासेज़ बंद चल रहे हैं। इस वजह से ट्यूशन सेंटर्स के मालिकों ने गार्डन एरिया, सरकारी ऑफिसों के कम्पाउंड्स और यहां तक की श्मशान में भी क्लास शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि सूरत हादसे के बाद से राज्य में हजारों ट्यूशन क्लासेज़ बंद चल रहे हैं। हालांकि विभिन्न शहरों में नगर निगम ने फायर सेफ्टी नियमों के मानकों पर फिट बैठने वाले कोचिंग सेंटर्स को नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी कर दिया है।
बता दें कि सूरत के सरथना इलाके में एक व्‍यवसायिक इमारत के तीसरे मंजिल पर चल रहे कोचिंग सेंटर के अंदर लगी भीषण आग की वजह से 22 बच्चों की मौत हो गई थी।
पालनपुर में परिवार क्लास कोचिंग के मालिक रवि सोनी ने कहा, ‘मैंने अपनी कोचिंग सेंटर में सभी जरूरी फायर सेफ्टी मानक लगाए हुए हैं लेकिन फिर भी सूरत की घटना के बाद मेरे सेंटर को बंद कर दिया गया। यह बहुत परेशान करने वाला है। नगरपालिका और कलेक्ट्रेट का कहना है कि वे मुझे NOC (नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) जारी नहीं कर सकते हैं।’
उन्होंने बताया, ‘कोचिंग सेंटर बंद होने की वजह से मैंने कुछ दिनों तक कलेक्टर कम्पाउंड की लॉन में क्लास ली। मुझे ऐसा करने से रोका गया और नहीं मानने पर धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में मुझे और स्टूडेंट्स को हिरासत में लेने की चेतावनी दी गई। इसके बाद मैंने एक मैदान में क्लास शुरू की लेकिन गर्मी की वजह से वहां बैठना मुश्किल हो गया। इसके बाद श्मशान में क्लास लेने को मजबूर होना पड़ा लेकिन पैरंट्स ने इस पर आपत्ति शुरू की।’
इसी तरह अहमदाबाद में पद्मा इंस्टिट्यूट चलाने वाले मनोरम यादव ने बताया, ‘कोचिंग संचालकों के पास कोई ऑप्शन नहीं बचा है। वे खाली जगहों पर बच्चों को पढ़ाने के लिए मजबूर हैं। फायर सेफ्टी मानकों के होने के बावजूद सेंटर्स पर ताला लटका दिया गया है।’ अकेले अहमदाबाद में ही 2400 से अधिक ट्यूशन क्लासेज़ हैं, जिन्हें सूरत की घटना के बाद सील कर दिया गया है।
-एजेंसियां

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