कश्‍मीर पर दिया था पाक का साथ, अब भारत के सामने हाथ फैलाए खड़े हैं

मलेशिया वही देश है जिसने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और कश्‍मीर से आर्टिकल 370 हटाने का पुरजोर विरोध किया था। अब Covid-19 से लड़ाई के लिए उसे भारत के आगे हाथ फैलाना पड़ रहा है। बड़प्‍पन दिखाते हुए भारत ने दर्द देने वालों को दवा देने की हामी भर दी है।
ब्रिटेन भी कश्‍मीर मुद्दे पर भारत का विरोध करने वालों में से एक था। लेबर पार्टी ने एक इमर्जेंसी प्रस्‍ताव पास किया कि इंटरनेशनल ऑब्‍जर्वर कश्‍मीर जाएं। भारत ने साफ किया था कि यह उसका घरेलू मसला है। चीन, ईरान, मलेशिया, तुर्की जैसे देशों ने खुले तौर पर इस कदम का विरोध किया। CAA का विरोध करने वालों में मलेशिया, तुर्की, बांग्‍लादेश जैसे देश शामिल थे। ब्रिटेन, अमेरिका, जर्मनी जैसे देशों में प्रदर्शन हुए। गल्‍फ कंट्रीज ने खुले तौर पर तो कुछ नहीं कहा, मगर दबी जुबान में इस कदम से नाखुशी जताई।
अब इन देशों को दवा सप्‍लाई कर रहा भारत
अमेरिका
यूनाइटेड किंगडम
स्‍पेन
जर्मनी
रूस
संयुक्‍त अरब अमीरात
जॉर्डन
युगांडा
कुवैत
मलेशिया
HCQ के बदले भारत ने मांगी ये चीजें
भारत ने HCQ के अलावा पैरासिटामॉल भी इन देशों को सप्‍लाई कर रहा है। एक तरफ जहां भारत दवाओं की सप्‍लाई कर दूसरे देशों की मदद कर रहा है, वहीं बदले में उसने भी कुछ चीजें मांगी हैं। N-95 मास्‍क, वेंटिलेटर्स, PPE सूट्स वगैरह मंगाए जा रहे हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, आयरलैंड, साउथ कोरिया, जापान, चीन, जर्मनी, सिंगापुर से ये सब चीजें आ रही हैं।
प्रोडक्शन में सबसे आगे है भारत
देश में कई कंपनियां इस दवा का प्रोडक्शन करती हैं। जायडस कैडिला और इप्का लैबोरेटरीज प्रमुख हैं। कंपनियां मार्च के लिए मासिक प्रोडक्शन को 4 गुना कर 40 मीट्रिक टन तक कर सकती हैं। साथ ही अगले महीने 5-6 गुना बढ़ाकर 70 मीट्रिक टन तक किया जा सकता है। अगर ये कंपनियां अपनी फुल कपैसिटी पर काम करें तो हर महीने 200mg की 35 करोड़ टैबलेट तैयार की जा सकती हैं।
क्‍या है Hydroxychloroquine?
इस दवा का मुख्य तौर पर इस्तेमाल मलेरिया के उपचार के लिए किया जाता है। इसके अलावा आर्थराइटिस के इलाज में इसका इस्तेमाल होता है। अभी कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए कोई दवा नहीं बनी है लेकिन HCQ के नतीजे उत्‍साहवर्धक बताए जा रहे हैं। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने तो इसे ‘गेमचेंजर’ बताया था। हालांकि इस दवा के कई साइड इफेक्‍ट्स भी हैं और आम जनता से इसका इस्‍तेमाल ना करने को कहा गया है।
साइड इफेक्‍ट्स क्‍या हैं
सिर चकराना, सिर दर्द, मूड का खराब होना, स्किन में खुजलाहट, ब्लड ग्लूकोज का कम होना, नींद आना, भूख कम लगना, अवसाद, सूजन, क्रैम्प, स्किन का पीला पड़ जाना, मांसपेशियों में कमजोरी, नाक से खून बहना और सुनने में दिक्कत होना शामिल है। ओवरडोज से मौत तक हो सकती है।
-एजेंसियां

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