अयोध्या विवाद में रिव्‍यू पिटीशन को लेकर सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड दो फाड़

लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या जमीन विवाद में सुनाए गए ऐतिहासिक फैसले को लेकर अब सुन्नी वक्फ बोर्ड में भी दो फाड़ नजर आने लगी है।
इस केस से जुड़े तीन और मुस्लिम पक्षकार शीर्ष कोर्ट के फैसले के खिलाफ अब पुनर्विचार याचिका दाखिल करेंगे। इसके साथ ही 10 में से 7 मुस्लिम पक्षकारों ने कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दायर करने का निर्णय ले लिया है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के साथ ही तीन मुस्लिम पक्षकारों ने रविवार को पिटीशन दायर करने की जानकारी दी। इसके अलावा इस मामले में एक और पार्टी जमात उलेमा ए हिंद ने इस विवाद को लेकर अलग से पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की बात कही है।
जिन तीन मुस्लिम पक्षकारों ने सोमवार को रिव्यू पिटीशन दाखिल करने की सहमति दी है उसमें हाजी महबूब, मौलाना हिजबुल्ला और दिवंगत हाजी अब्दुल अहद के दो बेटों हाजी असद अहमद और हाफिज रिजवान शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाजी महबूब ने बताया कि ‘मैंने AIMPLB को मेरी सहमति प्रदान की है और अयोध्या मामले पर मैं मुस्लिम पार्टियों के साथ रहूंगा।’
बता दें कि महबूब ने दो दिन पहले दिए अपने बयान से सोमवार को यू टर्न ले लिया जिसमें उन्होंने कहा था कि अयोध्या मामले पर रिव्यू की कोई जरुरत नहीं है।
वहीं हाजी असद अहमद ने कहा कि ‘हम हमारे संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए रिव्यू पिटीशन दाखिल करेंगे। मैं और मेरा भाई रिजवान को उम्मीद है और हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।’
सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को सुनाया था फैसला
कई दशकों से चले आ रहे अयोध्या जमीन विवाद का सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को पटाक्षेप कर दिया था। शीर्ष कोर्ट ने इस मामले पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए विवादित जमीन को रामलला की बताया था। इसके साथ ही कोर्ट ने मुस्लिम पक्षकारों को 5 एकड़ जमीन देने के लिए केंद्र सरकार को निर्देशित किया था। कोर्ट के इस फैसले को लेकर शुरुआत में जहां ज्यादातर मुस्लिम पक्षकारों ने पुनर्विचार याचिका की जरुरत नहीं बताई थी वहीं अब ज्यादातर पक्षकार इसे दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं।
-एजेंसियां

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