सुलेमानी की बेटी ने ट्रम्प को पागल और मूर्खता का प्रतीक बताया

तेहरान। अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए ईरान के विशेष सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की बेटी जैनब ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को पागल और मूर्खता का प्रतीक बताया।
उसने कहा कि मेरे पिता की मौत अमेरिका और इजराइल के लिए बुरे दिन लेकर आएगी। शुक्रवार को अमेरिका ने बगदाद एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला कर सुलेमानी की हत्या कर दी थी।
तेहरान विश्वविद्यालय में अपने पिता के अंतिम संस्कार के जुलूस में भीड़ को संबोधित करते हुए जैनब सुलेमानी ने कहा कि मेरे पिता और इराक के मिलिशिया नेता अबु महदी अल-मुहांदिस की हत्या कर इराक और ईरान के बीच अलगाव पैदा करने की ट्रम्प की योजना नाकाम रही। इसका एकमात्र कारण दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक एकता का होना है, जिससे अमेरिका नफरत करता है। जुलूस में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली-खामनेई समेत कई नेता शामिल हुए।
रविवार को लगातार दूसरे दिन अमेरिकी दूतावास पर हमला
इससे पहले इराक की राजधानी बगदाद में रविवार को अमेरिकी दूतावास के पास दो रॉकेट दागे गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने न्यूज़ एजेंसी को यह जानकारी दी। इराक की संसद ने रविवार को अमेरिका और अन्य विदेशी सैनिकों को देश से बाहर भेजने के पक्ष में मतदान किया। इस फैसले के बाद ट्रम्प ने उनपर कठोर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है। इराक में 5200 अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं। उन्हें 2014 में इराकी सरकार द्वारा आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से लड़ने में मदद के लिए तैनात किया गया था।
इराक की संसद ने विदेशी सैनिकों को देश छोड़ने के लिए कहा
इराक की सरकार संसद के फैसले को लागू करने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। प्रधानमंत्री आदिल अब्दुल महदी ने एक बयान में कहा कि ईरानी कमांडर सुलेमानी की हत्या के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गए हैं। इस वजह से यह फैसला लिया गया है। वहीं ट्रम्प ने रविवार को संवाददाताओं से कहा कि अगर वे देश छोड़ने के लिए कहते हैं तो हम इसे दोस्ताना तरीके से नहीं लेंगे। हम उन पर ऐसा प्रतिबंध लगाएंगे जैसा कि उन्होंने पहले कभी नहीं देखा होगा। वहां हमारा बेहद महंगा एयर बेस है। इसे बनाने में अरबों डॉलर का खर्च आता है। हम वहां से तब तक नहीं जाएंगे, जब तक वे हमें इसका भुगतान नहीं करते।
दो महीनों में 14वीं बार अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया
सूत्रों ने बताया कि रविवार को तीसरा रॉकेट भी दागा गया था, लेकिन वह ग्रीन जोन के बाहर एक परिवार के घर पर जा गिरा। इसमें चार लोग घायल हो गए। ग्रीन जोन में ही अमेरिकी दूतावास स्थित है। पिछले दो महीनों में 14वीं बार अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। ईरान समर्थित गुटों ने शनिवार को भी अमेरिकी दूतावास और एयरबेस पर रॉकेट से हमला किया था। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर वह अमेरिका के खिलाफ कोई भी कार्यवाही करता है तो हम अब तक का सबसे बड़ा हमला करेंगे।
मध्य पूर्व में शांति के लिए अमेरिका में मार्च
न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन समेत अमेरिका के प्रमुख शहरों में युद्ध के विरोधी प्रदर्शनकारियों ने मध्य पूर्व में शांति के लिए मार्च किया।
उन्होंने व्हाइट हाउस और ट्रम्प इंटरनेशनल होटल के बाहर प्रदर्शन किया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘यूएस आउट ऑफ इराक’ और ‘नो वॉर विथ ईरान’ के पोस्टर नजर आए।
न्यूयॉर्क में प्रदर्शनकारी टाइम्स स्क्वायर के सामने जमा हुए। उनमें से एक ने कहा- हमारे द्वारा दिए गए टैक्स का इस्तेमाल स्कूलों के लिए करें, न की युद्ध के लिए।
ट्रम्प की सैन्य कार्यवाहियों को सीमित करने वाला प्रस्ताव सदन में पेश होगा: पेलोसी
हाउस स्पीकर पेलोसी ने रविवार देर रात कहा कि सदन इस हफ्ते ट्रम्प की सैन्य कार्रवाइयों को सीमित करने वाला प्रस्ताव पेश करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी पहली जिम्मेदारी अमेरिकी लोगों को सुरक्षित रखना है। इस वजह से हम चिंतित हैं। ट्रम्प प्रशासन ने ईरान पर कार्रवाई कांग्रेस के परामर्श के बिना की है।
खामनेई ने बदला लेने की बात कही थी
अमेरिका ने शुक्रवार को बगदाद एयरपोर्ट पर ड्रोन से रॉकेट दागकर ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी को मार गिराया था। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़े तनाव के कारण मध्य पूर्व में बड़े संघर्ष की आशंका जताई जा रही है। सुलेमानी की मौत के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अल-खामनेई ने कहा था कि हम सही जगह और सही समय आने पर इसका बदला लेंगे।
-एजेंसियां

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