सेना के साथ विवादास्पद समझौते के बाद सूडान के प्रधानमंत्री का इस्‍तीफा

सूडान के प्रधानमंत्री अब्दुल्ला हमदोक ने सेना के साथ एक विवादास्पद समझौता के बाद अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी है.
सूडान की सेना ने बीते साल अक्टूबर में सत्ता पर कब्ज़ा कर लिया और हमदोक को नजरबंद कर दिया गया था लेकिन इस तख़्तापलट के बाद प्रधानमंत्री हमदोक और सेना के बीच सत्ता की साझेदारी को लेकर समझौता हुआ.
इस समझौते और सेना के दख़ल को लेकर आम लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी, सेना और राजनेता के बीच हुए इस समझौते को ख़ारिज करते हुए देश में पूरी तरह नागरिक शासन लागू करने की मांग कर रहे है.
अब्दुल्ला हमदोक के इस्तीफ़ा देने के दूसरे दिन भी प्रदर्शन हुए, जिसमें कम से कम दो लोग मारे गए. एक टेलीविज़न संबोधन में हमदोक ने कहा कि सूडान एक ऐसे “ख़तरनाक मोड़ पर था जो जिससे इसके पूरे अस्तित्व को ख़तरा था.”
उन्होंने कहा कि मैंने देश को “बर्बादी की ओर जाने” से रोकने की पूरी कोशिश की. “सहमति तक पहुंचने के लिए जो कुछ भी किया जा सकता था, मैंने किया लेकिन उसके बावजूद ऐसा नहीं हो सका.”
उन्होंने कहा,‘मैंने जिम्मेदारी सौंपने और प्रधानमंत्री के रूप में अपने इस्तीफ़े की घोषणा करने का फ़ैसला किया है, और किसी अन्य पुरुष या महिला को ये देश चलाने का मौका दे रहा हूं. सत्ता के इस हस्तांतरण मेरा सहयोग दें.’
सत्ता के इस समझौते का उद्देश्यदेश को लोकतांत्रिक शासन की ओर ले जाना बताया जा रहा है.
बीते साल नवंबर में हमदोक के साथ सेना के हुए समझौते के तहत तय हुआ था कि प्रधानमंत्री चुनाव होने तक टेक्नोक्रेट के कैबिनेट का नेतृत्व करेंगे लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि नई सरकार के पास कितनी शक्ति होगी. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें सेना पर भरोसा नहीं है.
-एजेंसियां

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