संस्कृति विवि के छात्रों की मशीन गोबर से बनाएगी ईकोफ्रेंडली ईंंधन

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय B.Tech के छात्र चंद्रपाल और रहीस पटेल द्वारा एक ऐसी ईको फ्रेंडली मशीन का निर्माण किया गया है जिसके द्वारा गोबर के लट्ठे बनाए जा सकते हैं। ये लट्ठे ईंधन के लिए कहीं भी प्रयोग किए जा सकते हैं। इनसे न तो प्रदूषण होगा न ही कोई विशेष खर्चा। छात्रों के इस अविष्कार पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सचिन गुप्ता ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने में विद्यार्थियों के द्वारा किया जा रहा छोटे से छोटा योगदान भी बड़े महत्व को दर्शाता है।

संस्कृति स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष विंसेंट बालू ने जानकारी देते हुए बताया कि इस मशीन का उद्देश्य प्राकृतिक लकड़ी के प्रयोग को कम करना तो है ही जिससे वनों की रक्षा हो सके, साथ ही वातावरण की सुरक्षा करना भी है, ताकि कम से कम प्रदूषण फैले। मशीन द्वारा गाय के गोबर से ऐसे लॉग्स बनाए जा सकते हैं जिनको लकड़ी की जगह आसानी से प्रयोग किया जा सकता है। इनके प्रयोग से धुआं भी बहुत कम निकलता है। भट्टी और औद्योगिक बॉयलर चलाने के लिए इस गाय के गोबर के लॉग पर्यावरण के अनुकूल होते हैं जो लकड़ी की तुलना में कम धुआं पैदा करते हैं। अंतिम संस्कार में भी इन लॉग्स का प्रयोग किया जा सकता है। यह मशीन कॉम्पैक्ट, हल्की, प्रभावी, शक्तिशाली और सबसे आश्चर्यजनक महत्वपूर्ण विशेषता है वह इसका डिजाइन, जो बहुत सरल है। यह मशीन बिजली की बहुत कम खपत करती है। यह आसानी से कुशलतापूर्वक 1.4 मीटर लॉग्स का उत्पादन कर सकता है। मशीन छात्रों ने इंजीनिरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर शिवम अग्रवाल की देखरेख में किया है।

मशीन का लोकार्पण करते हुए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सचिन गुप्ता ने कहा कि हो सकता है कि हमारे देश के विद्यार्थी आत्मनिर्भरता की दिशा में धीमी गति से आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन वे ठोस कदम उठा रहे हैं। आगे आने वाले समय में धीरे-धीरे हमारे देश में भी शोध के लिए उच्चस्तरीय साधन और प्रयोगशालाएं उपलब्ध होंगी तो ये बच्चे कमाल करेंगे ऐसा विश्वास है। संस्कृति विश्वविद्यालय लगातार उस मार्ग का अनुसरण करेगा जो हमारे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिखाया गया है। हमें उम्मीद है कि संस्कृति विवि के छात्र भविष्य में भी अनेक उपयोगी मशीनों का अविष्कार करने में सफल होंगे।

इस मौके पर विशेष कार्याधिकारी श्रीमती मीनाक्षी शर्मा ने छात्र चंद्रपाल और रहीस पटेल को उनके इस अविष्कार के लिए बधाईयां दीं।

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