राजीव एकेडमी के विद्यार्थियों ने किया Anmol Industry का भ्रमण

मथुरा। आज की युवा पीढ़ी का सिर्फ किताबी ज्ञान से करियर नहीं संवारा जा सकता, इस बात को ध्यान में रखते हुए राजीव एकेडमी फार टेक्नोलाजी एण्ड मैनेजमेंट द्वारा अपने बी.ईकाम द्वितीय एवं तृतीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं को नोएडा स्थित Anmol Industry में शैक्षिक भ्रमण को भेजा गया।

नोएडा में Anmol Industry के अधिकारियों द्वारा राजीव एकेडमी के छात्र-छात्राओं को कम्पनी के कामकाज सहित बहुत से ज्ञान की बातें बताई गईं। कम्पनी के क्वालिटी मैनेजर बी.एस. शर्मा ने छात्र-छात्राओं को मैनुअल और आटोमेटिक बिस्किट निर्माण मशीनों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने छात्र-छात्राओं को बिस्किट निर्माण में काम आने वाले रा-मटेरियल तथा उससे बिस्किट निर्माण व उसकी क्वालिटी में सुधार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बिस्किट को फाइनल टच किस तकनीक से दिया जाता है, इसके बारे में भी अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को अवगत कराया।

भ्रमण से लौटे छात्र-छात्राओं ने बताया कि अनमोल इण्डस्ट्री में जो जानकारी मिली उसका अवसर आने या कहीं जाब लगने पर हम लोग भरपूर प्रयोग कर सकेंगे। सभी छात्र-छात्राओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस विजिट से हमें इण्डस्ट्रियल विजन और उसको समझने में भी आसानी हुई है। छात्र-छात्राओं ने बताया कि अनमोल इण्डस्ट्री का भ्रमण काफी ज्ञानवर्धक रहा। हमें वहां बहुत सारी ऐसी जानकारियां मिलीं जोकि कक्षा अध्ययन में नहीं मिल सकी थीं। हम सभी को स्ट्रक्चर का ज्ञान इण्डस्ट्री में कार्यस्थल पर पहुंच कर हुआ और सभी बारीकियां भी समझ में आ गई हैं।

आर.के. एज्यूकेशन हब के चेयरमैन डा. रामकिशोर अग्रवाल ने सभी छात्र-छात्राओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि इण्डस्ट्रियल विजिट ज्ञान प्राप्ति का एक साधन है जिससे उच्च व्यावसायिक अध्ययन की राह और आसान हो जाती है। शैक्षिक भ्रमण के माध्यम से छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक अध्ययन की जो जानकारी प्राप्त होती है, वह जीवन भर उनके काम आती है। उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने कहा कि कक्षा अध्ययन और व्यावहारिक अध्ययन दोनों से छात्र-छात्राओं को करियर निर्माण में काफी मदद मिलती है। चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने कक्षा अध्ययन और व्यावहारिक अध्ययन में अनुशासन को महत्वपूर्ण बताया। निदेशक डा. अमर कुमार सक्सेना ने सभी छात्र-छात्राओं से कड़े परिश्रम और अनुशासित रहकर ज्ञान के प्रत्येक स्तर को समझने को कहा। उन्होंने कहा कि कक्षा हो या इण्डस्ट्रियल विजिट दोनों ही ज्ञान के स्रोत हैं,  जहां हमें सावधानीपूर्वक ज्ञान प्राप्त करना चाहिए।

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