ओट्स से बेहतर है बासी रोटी का ब्रेकफास्ट: न्यूटिशनिस्ट

बासी खान ज्यादातर हेल्थ के लिए अच्छा नहीं माना जाता। कहा जाता है कि 12 घंटे से ज्यादा रखा खाना डायरिया, फूड पॉइजनिंग, ऐसिडिटी और कई दिक्कतें पैदा कर सकता है। इतना ही नहीं, बासी खाने को गरम करने से भी कई दूसरी सीरियस प्रॉब्लम्स भी हो सकती हैं लेकिन हर बासी खाना हेल्थ के लिए नुकसानदायक नहीं होता। कुछ ग्रेन्स ऐसे भी होते हैं जो बासी हो जाने के बाद ज्यादा फायदा करते हैं, इनमें से एक है गेहूं।
बर्बाद न करें, खुद खाएं बासी रोटी
भारतीय घरों में रोटी गेहूं की बनाई जाती है और अक्सर खाना जरूरत से ज्यादा बन जाता है। ज्यादातर लोग यह खाना गाय या कुत्ते को दे देते हैं लेकिन ये बासी रोटियां आप भी खा सकते हैं। पहले इसके फायदे जान लें।
जानें, क्या कहना है न्यूट्रिशनिस्ट का
अपोलो हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट न्यूटिशनिस्ट डॉक्टर प्रियंका रोहतगी के मुताबिक बासी रोटी बासी नहीं होती क्योंकि एक बार बन जाने के बाद इसमें नमी नहीं बचती इसलिए यह लंबे वक्त तक सही रह सकती है।
खमीरी रोटी है हेल्दी
उत्तर भारतीय लोग खमीरी रोटी खाते हैं जिसमें आटे में खमीर उठाने के बाद रोटी बनाई जाती है, जो कि काफी हेल्दी होती है।
ओट्स से बेहतर ब्रेकफास्ट
डॉक्टर प्रियंका कहती हैं कि बासी रोटी पूरी तरह से हेल्दी ब्रेकफास्ट ऑप्शन है। उन्होंने यह भी बताया कि यह रेडी टु ईट ओट्स से कहीं ज्यादा हेल्दी है। बासी रोटी में गेहूं की सारी खूबियां होती हैं साथ ही फाइबर होता है। इसमें सोडियम कंटेंट कम और लो ग्लाइसीमिक इंडेक्स होता है। इन सारे गुणों के चलते बासी रोटी को हेल्थ, डाइजेशन, शुगर कंट्रोल करने और वेट लॉस के लिए अच्छा माना जाता है।
ब्लड प्रेशर पर रखे कंट्रोल
ठंडे दूध के साथ बासी रोटी खाने से लोगों का ब्लड प्रेशर कंट्रोल होता है। बासी रोटी को ठंडे दूथ में 10 मिनट तक भिगाकर रखें। इसे ब्रेकफास्ट की तरह खाएं। इससे आपका ब्लड प्रेशर कंट्रोल होगा।
ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल
जिनका ब्लड शुगर लेवल ज्यादा हो उन्हें इसे जरूर खाकर देखना चाहिए। बासी रोटी को 10-15 मिनट तक ठंडे दूध में भिगाकर रखें। दिन के किसी भी वक्त आप इसे खा सकते हैं।
खास टिप
बासी रोटी 12 से 15 घंटे तक रखकर खाने में कोई दिक्कत नहीं है। अच्छा होगा कि आप इसे सब्जी के साथ न खाकर दूध के साथ लें क्योंकि दूध में भी कई पोष्टिक तत्व होते हैं तो यह कॉम्बिनेशन हेल्थ के लिए काफी अच्छा होता है।
-एजेंसियां

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