Sports Journalism पर श्रीप्रकाश शुक्ला को मिला अवार्ड

नई दिल्ली। Sports Journalism के क्षेत्र में पिछले तीन दशक से सक्रिय भूमिका का निर्वहन कर रहे राष्ट्रीय खेल समीक्षक और वरिष्ठ पत्रकार श्रीप्रकाश शुक्ला को भारतीय खेल पुरस्कार चयन समिति द्वारा 20 अक्टूबर, रविवार को नई दिल्ली के भारतीय संविधान क्लब में ख्यातिनाम खेल शख्सियतों के बीच लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया। श्री शुक्ला को यह अवार्ड भारतीय ओलम्पिक महासंघ के उपाध्यक्ष कुलदीप वत्स तथा भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पूजा कपिल मिश्रा के करकमलों से प्रदान किया गया।

इस समारोह में श्रीप्रकाश शुक्ला के साथ ही भारतीय खेल पुरस्कार समिति द्वारा कालजयी मेजर ध्यानचंद (मरणोपरांत), उनके पुत्र अशोक ध्यानचंद, हाकी प्रशिक्षक परमजीत सिंह, अर्जुन अवार्डी पहलवान वीरेन्द्र सिंह, अर्जुन अवार्डी एथलीट खुशबीर कौर, एथलीट पी. फ्रांसिस मैरी, इंटरनेशनल मुक्केबाज पूजा रानी, इंटरनेशनल योग गुरु सुनील सिंह को भी लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किए गए। श्री शुक्ला की जहां तक बात है, वह तीन दशक से भी अधिक समय से Sports Journalism के क्षेत्र में खिलाड़ियों के ज्वलंत मुद्दों पर लिख रहे हैं। समारोह में इनकी पुस्तक भारतीय खिलाड़ी बेटियां की भी हर किसी ने सराहना की।

भाजपा की राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पूजा मिश्रा ने श्रीप्रकाश शुक्ला की पुस्तक भारतीय खिलाड़ी बेटियां पर कहा कि बेटियों को खेलों में प्रोत्साहन का इससे अच्छा और दूसरा उदाहरण नहीं हो सकता। मैं चाहूंगी कि यह पुस्तक हर घर में पढ़ी जाए, इसके लिए मैं अपनी तरफ से भी प्रयास करूंगी। भारतीय ओलम्पिक महासंघ के उपाध्यक्ष कुलदीप वत्स ने कहा कि श्रीप्रकाश शुक्ला जी ने स्पोर्ट्स जर्नलिज्म को एक नई दिशा दी है। मैं उम्मीद करता हूं कि वह खिलाड़ियों के प्रोत्साहन की दिशा में इसी तरह कुछ न कुछ नया करते रहेंगे। इस नायाब कृति के लिए मैं भारतीय ओलम्पिक संघ की तरफ से श्रीप्रकाश शुक्ला जी को बधाई देता हूं।

अर्जुन अवार्डी और भारत में हाकी की पहचान अशोक ध्यानचंद ने कहा कि खिलाड़ियों के प्रोत्साहन में खेल पत्रकारिता का सबसे अहम रोल है। मैं शुक्ला जी को वर्षों से जानता हूं, इन्होंने अपनी लेखनी से हर उस मुद्दे पर कलम चलाई है, जिसमें खेल और खिलाड़ी का हित निहित रहा है। श्री अशोक कुमार ने कहा कि भारतीय खेल पुरस्कार समिति ने श्रीप्रकाश शुक्ला को सम्मानित कर वाकई नेक काम किया है। श्री शुक्ला हर सम्मान से परे हैं। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि डा. राणा सिंह कुलपति, संस्कृति यूनिवर्सिटी ने कहा कि खिलाड़ियों, खेल प्रशिक्षकों के साथ श्रीप्रकाश शुक्ला जैसी जुनूनी शख्सियत का सम्मान वाकई प्रशंसनीय कार्य है।

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