इस्‍लाम की कथित तौहीन पर पाकिस्‍तान में भीड़ ने जिंदा जलाया श्रीलंकाई नागरिक

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सियालकोट में गुस्साई भीड़ ने कथित ईशनिंदा के आरोप में एक विदेशी नागरिक को पीट-पीट कर मार दिया और बाद में उसके शव में आग लगा दी.
सियालकोट पुलिस के एक अधिकारी ने बताया है कि मृतक की पहचान प्रिया नाथ कुमारा के रूप में हुई है, जो श्रीलंका का नागरिक है. वह सियालकोट के वज़ीराबाद रोड स्थित एक निजी फैक्ट्री में एक्सपोर्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत थे.
सियालकोट में अस्पताल के सूत्रों ने बताया है कि बुरी तरह जले हुए शव को उनके पास लाया गया था. अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक “शरीर लगभग राख हो गया है.”
सोशल मीडिया पर कई वीडियो शेयर किए गए हैं जिनके सियालकोट के वज़ीराबाद रोड के होने का दावा किया जा रहा है.
इन वीडियो में एक व्यक्ति का जला हुआ शरीर देखा जा सकता है. कुछ वीडियो में भीड़ एक व्यक्ति को जलाते हुए दिख रही है.
सियालकोट की पुलिस का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है.
घटना के चश्मदीद मोहम्मद मुबाशीर के मुताबिक फ़ैक्ट्री में सुबह से ही अफवाहें चल रही थीं कि प्रिया नाथ कुमारा ने ईशनिंदा की है.
“यह अफ़वाह बहुत तेज़ी से फ़ैक्ट्री में फैल गई थी. कर्मचारियों ने फ़ैक्ट्री के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया था.”
उन्होंने कहा कि विरोध के दौरान बड़ी संख्या में लोग फिर से फैक्ट्री में घुस गए और प्रिया नाथ कुमारा को न केवल प्रताड़ित किया गया बल्कि उन्हें आग भी लगा दी गई.
पाकिस्तान की रेस्क्यू सर्विस 1122 के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें लगभग 11:35 बजे वज़ीर रोड पर दंगा होने के बारे में फ़ोन आया था और कुछ देर बाद टीम मौके पर पहुंच गई थी.
उन्होंने कहा, “जब हम वहां पहुंचे, तब पुलिस बल छोटा था और मृतक को फ़ैक्ट्री के अंदर हिंसा का निशाना बनाया गया था.”
सहायता कर्मी के मुताबिक हम वर्दी में थे और लोग बहुत ग़ुस्से में थे. वो कहते हैं, “हमारे लिए किसी भी तरह से पीड़ित को कोई सहायता देना संभव नहीं था और न ही किसी के लिए हस्तक्षेप करना संभव था. इस दौरान वे पीड़िता को प्रताड़ित कर सड़क पर ले आए थे.”
सहायता कर्मी का कहना है कि उन्हें लगता है कि सड़क पर लाए जाने के समय पीड़ित की पहले ही मौत हो चुकी थी. वो कहते हैं,”ग़ुस्साए लोग उन्हें सड़क पर ले आए, आग लगा दी और नारेबाज़ी की. पुलिस ने बीच-बचाव करने की कोशिश की लेकिन भीड़ की तुलना में पुलिसवालों की संख्या बहुत कम थी.”
रेस्क्यू वर्कर के मुताबिक दोपहर क़रीब साढ़े बारह बजे पुलिस टीम जले हुए शव को अस्पताल लेकर पहुंची.
एक अन्य चश्मदीद के मुताबिक फ़ैक्ट्री के कर्मचारियों का विरोध लंबे समय से चल रहा था और बड़ी संख्या में आसपास के इलाकों से लोग भी विरोध में शामिल हो गए थे.
“कई लोगों ने विरोध के दौरान भड़काऊ भाषण दिए. इस बीच प्रदर्शनकारियों में से एक ने कहा, “आइए ख़ुद कहानी को साफ़ करते हैं और इसके बाद डंडे, लाठियों और हथियारों से लैस लोग फ़ैक्ट्री के भीतर घुस गए.”
सियालकोट के एक स्थानीय पत्रकार यासिर रज़ा के मुताबिक आज सुबह से फ़ैक्ट्री के अंदर ईशनिंदा की अफ़वाहें फैल रही थीं.
यासिर रज़ा के मुताबिक रात क़रीब 11 बजकर 12 मिनट पर वज़ीराबाद रोड पर बड़े विरोध की ख़बर मिली. वहीं, ऐसी भी ख़बरें आई थीं कि फ़ैक्ट्री के विदेशी मैनेजर को जला दिया गया है. इस घटना की पुष्टि हमें स्थानीय लोगों के साथ-साथ फ़ैक्ट्री के कर्मचारियों ने भी की है.
यासिर रज़ा के मुताबिक सुबह से ही दंगों और तनाव की ख़बरें आ रही थीं लेकिन मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम नहीं किए गए. जैसे-जैसे समय बीतता गया, प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती गई. लेकिन उसके बाद भी स्थिति पर काबू नहीं पाया गया.
-एजेंसियां

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