सीएम योगी से धार्मिक गतिविधियां आरंभ कराने की मांग

मथुरा। लॉकडाउन-4 के साथ सरकार द्वारा प्रवासी मजदूरों व फंसे हुये तीर्थयात्रियों को यात्रा सुविधायें व आवागमन में छूट प्रदान करने के चलते श्रीकृष्ण-जन्मस्थान सेवा-संस्थान द्वारा लॉकडाउन की घोषणा के आरंभ से ही वृहद स्तर पर जरूरतमदों को किये जा रहे भोजन पैकेट वितरण की व्यवस्था को स्थगित कर अपनी ‘भूखों को भोजन’ प्रकल्प के अन्तर्गत सायंकालीन भोजन-वितरण व्यवस्था को जारी रखने की जानकारी दी गयी है ।

उक्त संदर्भ में जानकारी देते हुए संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि वैश्व‍िक महामारी कोरोना के कारण लागू संपूर्ण लॉकडाउन के चौथे चरण के जारी होने तक देश की अर्थव्यवस्था के चरमरा जाने के बावजूद समाजसेवियों व सामाजिक संथाओं ने अपने सेवा-धर्म का पालन करते हुये पीड़ितों की हरसंभव सेवा कर ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की सनातन परंपरा का ही आदर्श प्रस्तुत किया है।

श्रीकृष्ण-जन्मस्थान द्वारा ‘भूखों को भोजन’प्रकल्प सेवा जारी

Sri Krishna-Janmasthana Seva

इसी कड़ी में संस्थान द्वारा भी अग्रणी रहकर निराश्रित गौवंश, भूख से त्रस्त वानरों आदि के साथ तीर्थस्थलों में फंसे रह गये यात्रियों व अपने घरों को वापस लौट रहे प्रवासी मजदूरों व जरूरतमंद स्थानीय परिवारों को प्रबंध-समिति के सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी के निर्देशन में भोजन-वितरण अभियान संचालित कर अपने कर्तव्य पालन का प्रयास किया है जो भविष्य में भी जारी रहेगा। श्री शर्मा ने सेवा कार्य में मार्गदर्शन व सहयोग के लिये जिला प्रशासन सहित सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया है ।

लॉकडाउन के आरंभ से ही सरकार द्वारा देवालयों में दर्शनार्थियों के प्रवेश पर लागू किये गये प्रतिबंध को वापस लिये जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रबंध-समिति के सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने सरकार द्वारा व्यासायिक व औद्यौगिक गतिविधियों के साथ रेल-बस संचालन आरंभ करने के निर्णय का स्वागत करते हुए, मन्दिरों व देवालयों के प्रति उदासीनता बरते जाने पर खेद व्यक्त क‍िया।

विशेष कार्याधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया क‍ि धार्मिक पर्यटन से जुड़े तीर्थपुरोहितों, पुजारियों, धर्मशाला-होटल संचालकों व पोशाक-श्रृंगार के व्यवसाय से जुड़े लाखों परिवारों के हित में शीघ्र ही धार्मिक गतिविधियों को आरंभ कराने की मांग संस्थान द्वारा राज्य सरकार से की गई है।

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