सीमा पर चुनौतियों से जूझ रहे सैनिकों के लिए तैयार हो रहा है खास सुरक्षा कवच

नई दिल्‍ली। भारत सीमा पर मुश्किल चुनौतियों का सामना कर रहा है। चीन और पाकिस्तान से तनातनी अपने चरम पर है। ऐसे वक्त में सैनिकों के लिए खास सुरक्षा कवच तैयार हो रहा है। हैदराबाद में मिश्रा धातु निगम लिमिटेड (मिधानी) में अंतर्राष्ट्रीय स्तर स्टैंडर्ड के बुलेट प्रूफ जैकेट्स तैयार किए जा रहे हैं, जो एके-47 की गोलियों को भी रोक सकते हैं। इसके साथ ही बुलेट प्रूफ गाड़ियां भी तैयार की जा रही हैं।
भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) में इस खास बुलेट प्रूफ जैकेट के तैयार होने की वजह से इसे ‘भाभा कवच’ का नाम दिया गया है। ये जैकेट AK-47 से निकली गोली को भी रोकने की क्षमता रखती है। सैम्पल के तौर पर कुछ बुलेटप्रूफ जैकेट्स पैरामिलिट्री फोर्स को सप्लाई भी की जा चुकी हैं।
मिधानी के चेयरमैन और मैनेजिंग एडिटर संजय कुमार झा के अनुसार, ‘इन बुलेट प्रूफ जैकेट्स के बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन के लिए तकनीक के साथ ही हमारी नजर दुनियाभर में तैयार हो रहे युद्ध के सामानों पर भी है।’ मिधानी में तैयार ये बुलेटप्रूफ जैकेट्स गृह मंत्रालय की स्पेसिफिकेशन्स से भी मिलते हैं।
यहां तैयार हो रहीं बख्तरबंद गाड़ियां किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने में सक्षम हैं। अगर गाड़ी के टायर में गोली भी लग जाए तो भी यह 100 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है। इसुजु बेस्ड कॉम्बैट गाड़ी के तौर पर पहचानी गई गाड़ी में कई सारे और फीचर भी हैं। हथियार के साथ 7 लोगों को ले जाने की क्षमता वाली इस गाड़ी को क्विक रिस्पॉन्स टीम, एस्कॉर्ट गाड़ी, सैनिकों को ले जाने जैसी ऑपरेशनल ड्यूटी में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
केंद्र सरकार की आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत बाहर से आयात करने की बजाय डिफेंस पब्लिक सेक्टर उद्यम को वरीयता दी जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि मिधानी में तैयार हो रहे जैकेट्स और बुलेटप्रूफ गाड़ियों का इस्तेमाल सुरक्षा एजेंसियां कर सकती हैं।
-एजेंसियां

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