शोध लेखन में Latex software का विशेष महत्व: डाॅ. बघेल

मथुरा। GL बजाज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में प्राध्यापकों को नवीनतम तकनीकी शिक्षा प्रणाली से अवगत कराने के लिए कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग द्वारा फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया। फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में डाॅ. रमाकांत बघेल ने सभी विभाग के प्राध्यापकों को Latex software की कार्यप्रणाली और उसकी उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी।

डाॅ. बघेल ने बताया कि आज के समय में लैटेक्स का प्रयोग वैज्ञानिक और शोध पत्रों के लेखन में प्रमुखता से किया जा रहा है। इसके द्वारा शिक्षक अपनी विषयवस्तु और शोध पत्रों को बेहतर तरीके से प्रस्तुत कर सकते हैं। डाॅ. बघेल ने बताया कि आज के समय में प्रकाशक शोध पत्रों को लैटेक्स फार्मेट में ही स्वीकार करते हैं लिहाजा सभी प्राध्यापकों को Latex software की कार्यप्रणाली और उसकी उपयोगिता की जानकारी होना नितांत आवश्यक है। डाॅ. बघेल ने बताया कि लैटेक्स साफ्टवेयर के माध्यम से गणित और उसके समीकरणों को बेहतर तरीके से लिखा जा सकता है। डाॅ. बघेल ने प्राध्यापकों को लैटेक्स एडीटर्स जैसे KILE., LED, ओवरलीफ तथा टैक्स स्टूडियो आदि की जानकारी प्रयोगात्मक तरीके से दी।

RK एजुकेशन हब के अध्यक्ष डाॅ. रामकिशोर अग्रवाल का कहना है कि बदलते समय में पठन-पाठन और शोध पत्रों के लेखन के तौर-तरीकों में काफी बदलाव देखा जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में आज बेहतर शोध पत्रों की आवश्यकता महसूस की जा रही है लिहाजा सभी प्राध्यापकों को नवीनतम तकनीकी प्रणाली का ज्ञान होना आवश्यक है। GL बजाज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को नवीनतम तकनीकी शिक्षा प्रदान करना है लिहाजा शिक्षकों को बदलती शिक्षा प्रणाली का ज्ञान होना नितांत आवश्यक है।

चेयरमैन मनोज अग्रवाल का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर बदलाव हो रहा है लिहाजा इस बदलाव की जानकारी शिक्षकों को होना निहायत जरूरी है। संस्थान के निदेशक डाॅ. LK त्यागी का कहना है कि प्राध्यापकों ने लैटेक्स साॅफ्टवेयर की उपयोगिता और उसकी कार्यप्रणाली के बारे में जो भी ज्ञान हासिल किया है, उसका प्रयोग उन्हें अपने शोधात्मक कार्यों तथा छात्र-छात्राओं के पठन-पाठन में अवश्य करना चाहिए।

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