जल्द ही अगले CDS के नाम का ऐलान कर सकती है सरकार, नरवणे फ्रंट रनर

पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ CDS जनरल बिपिन रावत की हेलीकॉप्टर हादसे में असमय निधन से पूरा देश सदमे में है। यह त्रासदी ऐसे वक्त हुई है जब चीन और पाकिस्तान के साथ सरहद पर तनाव है लिहाजा जल्द से जल्द सीडीएस रावत के उत्तराधिकारी का चयन भी करना होगा। सूत्रों से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार सरकार जल्द ही अगले सीडीएस के नाम का ऐलान कर सकती है।
कुन्नूर हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार शाम को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्यॉरिटी (CCS) की आपात बैठक बुलाई थी। हेलीकॉप्टर हादसे के शहीदों के सम्मान में 2 मिनट के मौन के अलावा मीटिंग में क्या-क्या बातें हुईं, इस पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।
आर्मी चीफ जनरल एम. एम. नरवणे को सीडीएस पद के लिए फ्रंट रनर माना जा रहा है। उनके अलावा वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी. आर. चौधरी और नेवी चीफ ऐडमिरल आर. हरि कुमार भी इस रेस में शामिल हैं। चौधरी ने 30 सितंबर को वायु सेना प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली जबकि हरि कुमार पिछले महीने ही 30 नवंबर को नेवी चीफ बने हैं।
आर्मी चीफ के तौर पर जनरल नरवणे का कार्यकाल अगले साल अप्रैल में पूरा होने वाला है। संशोधित नियमों के मुताबिक सीडीएस 65 साल की उम्र तक अपने पद पर रह सकते हैं जबकि तीनों सेनाओं के प्रमुखों का कार्यकाल 3 साल तक या फिर 62 साल की उम्र होने तक (इनमें से जो भी पहले आए) होता है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ‘पूर्वी लद्दाख में 19 महीनों से चीन के साथ सैन्य टकराव चल रहा है इसलिए यह वक्त की मांग है कि जल्द से जल्द आर्मी, नेवी और एयर फोर्स में बेहतर तालमेल के लिए थिअटर कमांड बने। इससे प्लानिंग, लॉजिस्टिक्स, ट्रेनिंग आदि के मामले में तीनों सेनाओं में तालमेल मुमकिन होगा।’
अधिकारी ने बताया कि जनरल रावत पूरी प्रक्रिया शुरू कर चुके थे लेकिन उनके असामयिक निधन से यह काम अधूरा रह गया। जनरल बिपिन रावत एक साथ तीन बड़ी जिम्मेदारियां निभा रहे थे। वह सीडीएस तो थे ही, साथ में चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन भी थे। इसके अलावा वह रक्षा मंत्रालय में नए-नए बने डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स के सेक्रटरी थे।
-एजेंसियां

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