कभी साइकिल पर सब्‍जियां बेचते थे मनोहर लाल Khattar

चंडीगढ़। मनोहर लाल Khattar की अगुआई में बीजेपी ने एक बार फिर हरियाणा में अपनी सरकार बना ली है। मनोहर लाल Khattar ने दीपावली के दिन दूसरी बार हरियाणा के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली। उनके अलावा जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला ने डेप्युटी सीएम की शपथ ली है। हाल में हुए विधानसभा चुनावों के बाद बीजेपी और दुष्‍यंत चौटाला की जेजेपी ने मिलकर सरकार बनाने का फैसला किया है। इस मौके पर एक दिलचस्प चीज देखने को मिली। शपथ लेने के लिए जा रहे दुष्यंत चौटाला ने मंच पर मौजूद अकाली दल के मुखिया और पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह के बादल के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस पर बादल ने उन्हें गले लगा लिया। इस दौरान मंच पर पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा और दुष्यंत के पिता अजय चौटाला भी मौजूद थे। बता दें कि प्रकाश सिंह बादल और दुष्यंत चौटाला के दादा ओमप्रकाश चौटाला की गहरी दोस्ती रही है। माना जा रहा है कि दुष्यंत की पार्टी जेजेपी को बीजेपी के खेमे में लाने में प्रकाश सिंह बादल की अहम भूमिका रही है। शपथ ग्रहण समारोह में हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी पहुंचे।
हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर बेदाग राजनीतिक छवि के नेता रहे हैं, जिनके पार्टी में शीर्ष स्तर पर वरिष्ठ नेताओं से अच्छे संबंध हैं। खट्टर 2014 में हरियाणा के मुख्‍यमंत्री बने, उनके रूप में प्रदेश को 18 वर्षों बाद कोई गैर-जाट सीएम मिला। लो-प्रोफाइल इमेज रखने वाले खट्टर, पहली बार करनाल से विधायक बने और फिर सीधे हरियाणा की सीएम की कुर्सी संभाली।
डॉक्‍टर बनना चाहते थे, पर गरीबी बनी रुकावट
खट्टर आज भले ही सत्‍ता के शीर्ष पर दिखाई दे रहे हों लेकिन उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा है। बताया जाता है कि खट्टर पढ़-लिखकर डॉक्‍टर बनना चाहते थे लेकिन उनके परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी इसलिए उनके पिता उन्‍हें आगे पढ़ाना ही नहीं चाहते थे। पैसे की इतनी तंगी थी कि उनके पिता और दादा को मजदूरी तक करनी पड़ी।
साइकल पर सब्जियां तक बेचीं
यहां तक कि परिवार की जिम्‍मेदारियों में हाथ बंटाने के लिए खुद खट्टर ने खुद दिल्‍ली के सदर बाजार में दुकान खोली थी। उनके पिता और दादा खेती करते थे और मनोहर लाल खट्टर साइकल पर सब्जियां बेचा करते थे लेकिन इसके बाद भी उन्‍होंने किसी तरह अपनी पढ़ाई जारी रखी। खट्टर ने पंडित नेकी राम शर्मा गवर्नमेंट कॉलेज, रोहतक से हाई स्कूल किया। इसके बाद वह दिल्ली चले गए और दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री पूरी की।
कम उम्र में शादी न करने का फैसला लिया
खट्टर ने आरएसएस से जुड़ने के बाद शादी न करने का फैसला किया। खट्टर अविवाहित हैं। आरएसएस के प्रचारक के रूप में उन्‍होंने कई राज्‍यों में काम किया है। 14 साल तक आरएसएस के लिए काम करने के बाद खट्टर 1994 में औपचारिक तौर पर बीजेपी में शामिल हुए थे। वह साल 2000 से 2014 तक हरियाणा के संगठन महासचिव बने रहे। 2014 लोकसभा चुनाव में हरियाणा इलेक्शन कैंपेन कमेटी के चेयरमैन भी रहे।
-एजेंसियां

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