सोहराबुद्दीन मुठभेड़ केस: वंजारा सहित सभी पुलिसकर्मी बॉम्बे हाई कोर्ट से भी बरी

मुंबई। बॉम्बे हाई कोर्ट ने देश के चर्चित सोहराबुद्दीन मुठभेड़ में निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए पूर्व एटीएस प्रमुख डीजी वंजारा समेत अन्य सभी पुलिसकर्मियों को आरोपों से बरी कर दिया है।
बता दें कि निचली अदालत ने इस मामले में गुजरात के आईपीएस अधिकारी राजकुमार पांडियन, गुजरात एटीएस के पूर्व प्रमुख डीजी वंजारा, गुजरात पुलिस के अधिकारी एनके अमीन, राजस्थान कैडर के आईपीएस अधिकारी दिनेश एमएन और राजस्थान पुलिस के कॉन्स्टेबल दलपत सिंह राठौड़ को आरोपमुक्त कर दिया था।
इसके बाद सोहराबुद्दीन के भाई रुबाबुद्दीन और सीबीआई ने बॉम्बे हाई कोर्ट में मामले में पांच पुनरीक्षण याचिका दायर की थी। सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में सीबीआई ने गुजरात एटीएस के पूर्व प्रमुख डीजी वंजारा समेत पुलिसकर्मियों को अपनी जांच में दोषी ठहराया था। सीबीआई ने इसे फर्जी एनकाउंटर करार दिया था जबकि पुलिस का कहना था कि सोहराबुद्दीन के संबंध आतंकियों से जुड़े थे।
सीबीआई के आरोप पत्र के अनुसार गुजरात के एक संदिग्ध गैंगस्टर सोहराबुद्दीन शेख और उसकी पत्नी कौसर बी को गुजरात एटीएस और राजस्थान पुलिस के अधिकारियों ने हैदराबाद के पास से अगवा कर लिया था और उन्हें नवंबर 2005 में एक फर्जी मुठभेड़ में मार दिया था।
इसके अलावा बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुजरात आईपीए अधिकारी विपुल अग्रवाल को मामले से बरी कर दिया है। न्यायमूर्ति बदर ने गुजरात के आईपीएस अधिकारी विपुल अग्रवाल की याचिका पर भी अलग से सुनवाई की। सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामले में सह-आरोपी अग्रवाल की आरोपमुक्त करने संबंधी याचिका को पिछले साल निचली अदालत ने खारिज कर दिया था।
4 जुलाई से नियमित सुनवाई
बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति बदर ने पुनरीक्षण याचिकाओं पर चार जुलाई के बाद से नियमित आधार पर सुनवाई की। इसके बाद न्यायमूर्ति ए.एम बदर की अगुवाई में 16 जुलाई को उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने गुजरात की एक निचली अदालत द्वारा इस मामले में आरोपियों को आरोपमुक्त करने को चुनौती देने वाली पांच पुनरीक्षण याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।
बॉम्बे हाई कोर्ट से ट्रांसफर हुआ था केस
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, यह मामला गुजरात से मुंबई की विशेष अदालत में स्थानांतरित किया गया था, जहां 2014 से 2017 के बीच 38 लोगों में से 15 को आरोप मुक्त कर दिया गया था। जिन्हें आरोप मुक्त किया गया था उनमें 14 पुलिस अधिकारी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह शामिल हैं।
-एजेंसियां

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