गरीबों को बड़ी संख्या में भोजन के पैकेट वितरित कर रहे समाजसेवी

आगरा। ऐसे में जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 21 दिन का लॉकडाउन घोषित कर रखा है और समाजसेवी लोगों से गरीबों को खाना एवं अन्य जरूरत की सामग्री के वितरण का आह्वान किया है, आगरा शहर के तमाम धनी- मानी लोग खुद को सामाजिक योद्धा के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। वे समाजसेवा की ऐसी मिसाल पेश कर रहे हैं, जिसे आने वाले दिनों में याद किया जाता रहेगा। ये मानवता की सेवा है, जो खुद को कोरोना वायरस से बचाते हुए गरीब मजदूरों को भोजन एवं अन्य जरूरत के सामान प्रदान करने में मदद कर रहे हैं। आज से हम ऐसे ही लोगों से आपको रूबरू कराने का अभियान शुरू करने जा रहे हैं। ये लोग पूरी- सब्जी के पैकेट बनवा कर या तो खुद गरीबों के बीच जाकर उन्हें एक मीटर के फासले से वितरित कर रहे हैं या फिर पुलिस प्रशासन अथवा समाजसेवियों के जरिये गरीबों तक पहुंचा रहे हैं।

इनमें पहला नाम आता है समाजसेवी विजय किशोर बंसल का। पता चला है कि वे पूरी- सब्जी के करीब तीन हजार पैकेट प्रतिदिन अपनी निगरानी में बनवा कर पुलिस प्रशासन के जरिये ऐसे लोगों के बीच बंटवा रहे हैं, जिनके पास खाने- पीने का कोई साधन नहीं है। घर से बाहर निकलने की पाबंदी के कारण उन लोगों के आय के स्रोत भी बंद हो गये हैं। आगरा में बाहरी जिलों से आये हुए हजारों ऐसे मजदूर हैं, जो लॉकडाउन के कारण यहां फंस गये हैं। ठेकेदारों से उन्हें मजदूरी भी नहीं मिली है। इस कारण वे अपने घर वापस लौटकर जाने की स्थिति में भी नहीं हैं। ऐसे लोगों के पास खाने- पीने का कोई इंतजाम नहीं है। पिछले कई दिनों से उनके घरों में चूल्हा भी नहीं जल पा रहा। विजय किशोर बंसल प्रिंटिंग का व्यवसाय करते हैं। मां कैला देवी के अनन्य भक्त हैं। समाजसेवा उनका शगल है। तमाम धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों से जुडक़र उन्हें आर्थिक एवं शारीरिक योगदान देते रहते हैं।

इसी कड़ी में दूसरा नाम आता है धन कुमार जैन एवं आनंद अग्रवाल का। ये दोनों सर्राफा कारोबारी जमुना किनारा स्थित मां की रसोई में खाने के करीब डेढ़ हजार पैकेट प्रतिदिन बनवा कर उन्हें जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों या फिर पुलिस के जरिये असहाय लोगों के बीच वितरित करा रहे हैं। धन कुमार जैन श्री सर्राफा कमेटी के संरक्षक के साथ- साथ स्मार्ट सिटी परियोजना के सलाहकार भी हैं। जूथाराम फाटक स्थित सीबी चैन्स के वह डायरेक्टर हैं। उनके भाई नेमकुमार जैन भी इस काम में उनकी मदद कर रहे हैं। धनकुमार जैन पहले से ही समाजसेवा करते रहे हैं। वह कई धार्मिक संगठनों से भी जुड़े हुए हैं, आनंद अग्रवाल धार्मिक प्रवृति के हैं और एमजी रोड स्थित फर्म दीनदयाल आनंद कुमार के डायरेक्टर हैं। अभी तक मां की रसोई पर पांच रुपये में दाल, सब्जी, पूरी, चावल की थाली मुहैया करायी जा रही थी लेकिन अब लॉकडाउन की वजह से पूरी- सब्जी के पैकेट बनाकर निशुल्क वितरित किये जा रहे हैं।

 

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