…कवि सूरदास ने कर दी थी कोरोना संकट की भविष्‍यवाणी!

मथुरा। आश्‍चर्य किन्तु सत्य है क‍ि ब्रजभाषा के स‍िरमौर कवि सूरदास ने कोरोना संकट की सैकड़ों वर्ष पूर्व भविष्‍यवाणी कर दी थी।
संसार के विज्ञानवेत्ता या ज्योतिष शास्त्र के प्रकाण्ड आचार्य संवत् 2000 के पश्‍चात् (अब है संवत् 2078 ) पूर्व से पश्‍च‍िम और उत्तर से दक्षिण तक ऐसे संकट की जिसमें अकाल मृत्यु से बहुसंख्या में लोग प्रभावित होंगे सम्बन्धी भविश्यवाणी नहीं कर सके थे।

पद्मश्री मोहन स्वरूप भाटिया के अनुसार कोरोना के रूप में केवल भारत में नहीं सम्पूर्ण विश्‍व में फैली महामारी में लाखों लोगों की मृत्यु की भविष्‍यवाणी 500 वर्ष अधिक से पूर्व महाकवि‍ सूरदास ने अपने एक पद में कर दी थी जिसमें वर्तमान में व्याप्त कोरोना संकट का वर्णन हुआ है।

इसमें स्पष्‍ट रूप से संवत् 2000 के पश्‍चात् पूर्व से पश्‍च‍िम, उत्तर से दक्षिण अर्थात् सम्पूर्ण विश्‍व में होने वाले संकट का स्‍पष्‍ट रूप से वर्णन करते हुए भी व्यक्त कर दिया था कि यह भगवान् की लीला है जो किसी प्रकार टालने का प्रयास किए जाने पर भी नहीं टलेगी इसलिए धैर्य धारण करना होगा।

पद इस प्रकार है –

अरे मन धीरज काहि न धरे।
संवत् दो हजार के ऊपर ऐसौ जोग परे।।
पूरब पच्छिम उत्तर दक्खिन चहुँ दिसि काल परे।।
अकाल मृत्यु जग मँह व्यापै परजा बहुत मरे।।
सहस बरस लगि सतयुग ब्यापै धर्म की बेल बढ़े।।
स्वर्ण फूल बन पृथवी फूले सुख की दषा फिरे।।
सूरदास हरि की यह लीला टारे नाहिं टरै।।

– Legend News

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