टिकट न मिलने पर SK शर्मा ने BJP से इस्‍तीफा दिया, रणनीति की घोषणा कल

मथुरा की मांट विधानसभा सीट से टिकट न मिलने पर एसके शर्मा ने मंगलवार को भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में सिर्फ राम नाम की लूट मची है। कोई विचारधारा नहीं रही। ईमानदारी तो कोसों दूर हो गई है। इसलिए उन्होंने त्यागपत्र दिया है। उन्होंने कहा कि वह अपनी रणनीति की घोषणा 19 जनवरी बुधवार को करेंगे।
मंगलवार को सर्वेश्वरी सदन में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसके शर्मा ने रोते हुए भाजपा से त्यागपत्र देने का एलान किया। उन्होंने बताया कि भाजपा के कारण मेरे करोड़ों रुपये खर्च हो गए। 2009 से 2022 तक के विभिन्न चुनावों में भाजपा ने मेरे साथ विश्वासघात किया है। मैंने पार्टी के लिए पूरे देश में लगन से काम किया है। जब भी पार्टी ने संगठन की मजबूती के लिए रुपये मांगे, मैंने दिए। लेकिन मेरे साथ धोखा किया गया।
एसके शर्मा ने कहा कि वह सन् 1980 से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े हुए हैं। भाजपा को मजबूत बनाने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। तन-मन-धन सब स्वाहा हो गया। इस बार मेरा सवा लाख वोट प्राप्त करने का लक्ष्य था। बीते पांच साल में ऐसा कोई गांव, नगला, मौजा, कस्बा नहीं बचा, जहां मैंने अपनी पकड़ न बनाई हो।
उन्होंने कहा कि मांट में मुझे कमजोर करने के लिए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के फंड से पांच करोड़ रुपये के कार्य कराए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में चरित्र, नैतिकता, सिद्धांत समाप्त हो गया है। मैं 19 जनवरी को अपने समर्थकों से विचार-विमर्श कर तय करूंगा कि विधानसभा चुनाव लड़ना है या नहीं।
भाजपा ने मांट से युवा नेता राजेश चौधरी को प्रत्याशी बनाया है। साल 1987 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुटे राजेश चौधरी ने छात्र राजनीति में कदम रख दिया। साल 1992 से साल 1998 तक एबीवीपी में महत्वपूर्ण पदों पर रहे। वर्तमान में यूपी भाजपा के प्रवक्ता हैं।
राजेश चौधरी के नाम की घोषणा होने के बाद से ही एसके शर्मा बागी हो गए थे। दो दिन से लगातार एसके शर्मा के समर्थकों ने भाजपा के स्थानीय कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को इस सीट से हार का सामना करना पड़ा था।
-एजेंसियां

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