विश्व हिंदी दिवस हर साल 10 जनवरी को मनाया जाता है। 1975 में भारत के नागपुर में पहले 'विश्व हिंदी सम्मेलन' का आयोजन किया गया था। इसका मकसद हिंदी को एक वैश्विक भाषा के तौर पर बढ़ावा देना और इसकी अंतरराष्ट्रीय अहमियत और सांस्कृतिक समृद्धि के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। 

इसका उद्देश्य हिंदी को एक वैश्विक भाषा के तौर पर बढ़ावा देना और इसकी अंतरराष्ट्रीय अहमियत और सांस्कृतिक समृद्धि के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इस अवसर पर हम जानेंगे आज हिंदी का सबसे लंबा और मुश्किल शब्द कौन सा है?

दुनिया की चौथी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा
बता दें, हिंदी दुनिया की चौथी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। दुनियाभर में हर छठा इंसान हिंदी बोलता या समझता है।

देश में कितने लोग बोलते हैं हिंदी
हिंदी दुनिया की उन चुनिंदा भाषाओं में से एक है जिनमें जो लिखा जाता है वही बोला भी जाता है। देश के करीब कितने प्रतिशत लोग हिंदी बोलते और समझते हैं? इस पर सटीक डेटा नहीं है, लेकिन अनुमानित तौर पर 53 करोड़ (लगभग 43.63%) लोग से ज्यादा लोग इस भाषा से परिचित हैं।

भारत की राजभाषा
कई लोगों को लगता है कि हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा है, जबकि भारत की कोई राष्ट्रभाषा नहीं है। हां, हिंदी को भारत की राजभाषा का दर्जा प्राप्त है। इसे देवनागरी लिपि में लिखा जाता है और यह संघ (केंद्र सरकार) के सरकारी कामकाज की भाषा है।

हिंदी भाषा का महत्व, हिंदी एक सेतु
ये देश के विशाल क्षेत्र को एक सूत्र में बांधने का कार्य करती है। हिंदी देश की विविध भाषाओं और संस्कृतियों को जोड़ने वाली एक मजबूत कड़ी है, इसलिए इसे सामाजिक एकता बढ़ाने वाली भाषा कहा जाता है।
- Legend News

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