अपने बेबाक बयानों के लिए मशहूर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर सीट से बीजेपी सांसद रवि किशन ने मानसून सत्र में लोकसभा में एक ऐसा मुद्दा उठाया जिसकी चर्चा चारों तरफ हो रही है. उनकी स्पीच की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, लोग तरह- तरह की टिप्पणी कर रहे हैं, शून्य काल के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, मात्रा और मूल्य का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि कहीं पर समोसा बड़ा मिल रहा है तो कहीं पर छोटा. कहीं पर सस्ता मिलता है तो कहीं पर महंगा. उनके इस सवाल पर लोकसभा में सदस्य हंसने लगे तो सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे जन हितकारी मुद्दा बताया. 
लोकसभा में बोलते हुए रवि किशन ने कहा कि भारत जैसे विशाल देश में लाखों संख्या में ढाबे और होटल हैं. जहां पर लाखों संख्या में रोजाना लोग भोजन करते हैं. हालांकि यहां की कीमतों और गुणवत्ता का कोई भी मानकीकरण नहीं किया गया है. उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि चांदनी चौक में समोसा की कीमत कुछ और है जबकि गोरखपुर में अलग रेट में समोसा मिलता है वहीं फाइव स्टार होटलों में इसकी कीमत कुछ और है. 
साथ ही साथ कहा कि कहीं पर बड़ा समोसा दे देते हैं जबकि कहीं पर छोटा समोसा मिलता है. आज तक ये समझ नहीं आया कि इतना बड़ा देश है इतने ज्यादा ग्राहक हैं लेकिन ये सब बिना किसी  रुल्स और रेगुलेशन के चल रहा है. 
कानून बनाने की मांग 
इसके अलावा सांसद रवि किशन ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने कई क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन किया है लेकिन यह क्षेत्र अभी अछूता रह गया है. इसलिए मैं सरकार के माध्यम से आपसे मांग करता हूं कि  छोटे ढाबे से लेकर सामान्य होटल व अच्छे रेस्टोरेंट, फाइव स्टार होटल तक मिलने वाले गुणवत्ता और मूल्य निर्धारित करने के लिए कानून बनाना चाहिए. क्योंकि किसी ढाबे में तड़का दाल 100 रूपए में मिलती है जबकि किसी ढाबे में 120 रूपए में मिलती है. कहीं 250 तो कहीं पर चार सौ, लेकिन अब समय आ गया है कि सरकार अब पारदर्शिता और उपभोक्ता के हित में कानून बनाए. 
-Legend News

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