शिवसेना सांसद संजय राउत के घर पर ED यानी कि प्रवर्तन निदेशालय ने रविवार सुबह छापेमारी की है। संजय राउत पर पात्रा चॉल मामले में घोटाले का आरोप है, जिसको लेकर ईडी ने संजय राउत को तलब किया था लेकिन तमाम आनाकानी करने के बाद भी राउत ईडी के सामने पेश नहीं हुए। ईडी ने आज सुबह इसी मामले में संजय राउत के घर पर छापेमारी की है। वहीं ईडी की इस कार्रवाई पर अमरावती से सांसद नवनीत राणा की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। नवनीत राणा ने कहा है कि ईडी को संजय राउत के खिलाफ यह कार्रवाई और पहले ही करनी चाहिए थी। नवनीत ने कहा कि राउत ने गरीबों के पैसों से भ्रष्टाचार किया है, जिसके लिए उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। 
बहानेबाजी करते हैं संजय राउत: नवनीत राणा
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस साल 28 जून को संजय राउत को 1,034 करोड़ रुपये के पात्रा चॉल भूमि घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की पूछताछ के लिए तलब किया था। संजय राउत ने मॉनसून सत्र के चलते जांच में शामिल होने से इंकार कर दिया था। एजेंसी ने शिवसेना सांसद को कारण बताते हुए उन्हें गिरफ्तार करने की चुनौती दी थी। वहीं इसको लेकर अमरावती सांसद नवनीत राणा का आरोप है कि ईडी के संजय राउत को बार-बार बुलाए जाने के बाद भी वे बहानेबाजी करते हैं।
क्या है पात्रा चॉल घोटाला?
बात साल 2007 की है जब पात्रा चाल का विकास करने का काम महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी की तरफ से गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था। गुरू आशीष कंस्ट्रक्शन कंपनी HDIL की सिस्टर कंपनी है। इस प्रोजेक्ट के तहत कंस्ट्रक्शन कंपनी को 47 एकड़ जमीन पर वहां रहने वाले लोगों को 672 फ्लैट बनाकर और करीब 3000 फ्लैट्स म्हाड़ा को देने थे लेकिन कंस्ट्रक्शन कंपनी ने वहां किसी भी तरह का विकास नहीं किया और न ही म्हाड़ा को फ्लैट दिए। बजाय इसके उसने पूरी जमीन FSI 8 बिल्डर को 1034 करोड़ रुपये में बेच दी।
-Compiled by Legend News

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