पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने खुलासा किया है कि पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार के शासन काल में शुरू की गई लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ तीन लाख पुरुष ले रहे थे। रविवार को बीजेपी के विशेष प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इसका खुलासा किया है। अधिकारी ने कहा कि TMC के शासनकाल में महिलाओं के लिए बनी 'लक्ष्मी भंडार' योजना के तहत लगभग 3 लाख पुरुष लाभार्थी थे। गौरतलब हो कि ममता बनर्जी की इस योजना को गेमचेंजर माना गया था। 
लक्ष्मी भंडार योजना पर खड़े हुए सवाल
बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद बीजेपी लक्ष्मी भंडार योजना को बंद करके अन्नापूर्णा भंडार योजना लागू कर दी है। इसके बाद महिलाओं को प्रतिमाह 3000 रुपये मिलेंगे। कुछ दिन पश्चिमी मेदिनीपुर एसपी आईपीएस पापिया सुल्ताना एक ऐसे मामले को पकड़ा था। जिसमें एक पुरुष अपनी पत्नी के स्थान पर 'लक्ष्मी भंडार' योजना का लाभ ले रहा था। इसमें खुलासा हुआ था कि वह अप्रैल 2022 से अपनी पत्नी के खाते से लक्ष्मी भंडार का पैसा प्राप्त कर रहा था। अब शुभेंदु अधिकारी टीएमसी की गेमचेंजर मानी गई योजना को कठघरे में खड़ा कर दिया है। 
सरकार कर रही है फर्जीवाड़े की जांच
हाल ही में लक्ष्मी भंडार योजना की लाभार्थियों की सूची की जांच में बड़े घोटाले और फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि लाखों अपात्र लोगों (पुरुषों और गैर-भारतीयों) के नाम भी इस योजना में शामिल थे। तो वहीं दूसरी तरफ जो महिलाएं पहले से लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ ले रही थीं, उन्हें ऑटोमैटिक तरीके से नई अन्नपूर्णा योजना में शिफ्ट किया जा रहा है, हालांकि इसका लाभ बिना किसी रुकावट के पाने के लिए महिलाओं का बैंक अकाउंट आधार से लिंक होना अनिवार्य किया गया है। ममता बनर्जी ने लक्ष्मी भंडार योजना को फरवरी, 2021 में शुरू किया था। इसके बाद यह योजना काफी लोकप्रिय हुई थी। इसका उद्देश्य 25 से 60 वर्ष की आयु की महिलाओं को सशक्त बनाना था। 
-Legend News

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