रिपोर्ट : LegendNews
Pojk में युद्ध जैसे हालात: 5 जुलाई को चक्का जाम का एलान, भारतीय कश्मीरियों से मांगी मदद
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (Pojk) में हालात युद्ध जैसे हो चुके हैं। पाकिस्तान की सेना की क्रूरता और बेरहमी से तंग आकर वहां के लोगों ने बगावत का एलान कर दिया है। इसके बाद एक नागरिक समूह JAAC को पाकिस्तान की शहबाज शरीफ की सरकार ने आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। इसके बाद इस संगठन के नेता सरदार अमन खान ने एक वीडियो बयान जारी करते हुए भारतीय कश्मीर के लोगों से मदद मांगी है। सरदार अमन खान ने कहा है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हालात नाजुक हैं।
सरदार अमन खान ने एक वीडियो जारी किया है इसमें उन्होंने कहा 'हमने ज़ुल्म सहे हैं। हमारा खाना-पीना रोक दिया गया है।' वीडियो में उन्होंने श्रीनगर, लद्दाख, जम्मू और दूसरी जगहों के लोगों से समर्थन की अपील की है। जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के प्रमुख नेता सरदार अमन खान ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) के रावलकोट में 5 जुलाई को एक बड़ी रैली का आह्वान किया है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में युद्ध के हालात
सरदार अमन खान ने पाकिस्तानी सेना पर आरोप लगाया कि वे इलाके में नागरिक अधिकारों के आंदोलन को दबाने के लिए आटा, अनाज और दूसरी जरूरी चीजों की सप्लाई को रोक दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पीओके में खाने पीने की सप्लाई रोक दी गई है और पाकिस्तानी हुकूमत लोगों के साथ लोगों के साथ अमानवीय अत्याचार कर रही है। हैरानी की बात ये है कि इस दौरान उन्होंने पाकिस्तानी अवाम से नहीं बल्कि भारत के जम्मू कश्मीर, लद्दाख, कारगिल, श्रीनगर और जम्मू के लोगों से मदद मांगी है।
पाकिस्तानी सेना के खिलाफ पीओके में बगावत, 3 वजहें
JAAC ने आटा, दाल और बिजली जैसी बुनियादी चीजों की मांग के लिए प्रदर्शन शुरू किया था जिसे पाकिस्तानी सेना ने क्रूरता से कुचलने की कोशिश की।
सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तान की सेना ने असीम मुनीर के इशारे पर गोलियां बरसाई जिसमें 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई।
पाकिस्तान के आतंकवाद-रोधी कानून के तहत JAAC पर आधिकारिक तौर पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और इसके 150 से ज्यादा सदस्यों को बेहद सख्त नियमों वाली 'चौथी अनुसूची' की वॉचलिस्ट में डाल दिया गया है।
अलजजीरा के मुताबिक सरदार अमन खान ने कहा है कि पाकिस्तान की सरकार और पाकिस्तान की सेना ने ऐतिहासिक रूप से कश्मीरियों को हथियार सौंपे थे। पिछले एक महीने से PoK के रावलकोट का हाल 'युद्ध क्षेत्र' जैसा हो गया है। यह दावा पाकिस्तान के पूर्व सीनेटर मुश्ताक अहमद ने हाल ही में उस इलाके के दौरे के बाद किया है। PoK के हालात पर बात करते हुए अहमद ने कहा कि कश्मीरी लोग 'पूरी तरह से घेराबंदी' जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं जहां खाने-पीने की चीजों और राशन की सप्लाई की जांच की जा रही है और उस पर रोक लगाई जा रही है।
उनके अनुसार कश्मीर में आने वाले हर वाहन की खाने-पीने के सामान के लिए तलाशी ली जा रही है। पूर्व सीनेटर ने रावलकोट में भारी सैन्य तैनाती की ओर भी इशारा किया और कहा कि अब वहां चारों ओर खाइयां, बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान और सुरक्षा चौकियां दिखाई देती हैं।
5 जुलाई को पीओजेके में चक्का जाम का एलान
पाकिस्तान के विपक्षी गठबंधन 'तहरीक-ए-तहफ़ुज़-ए-आईन-ए-पाकिस्तान' (TTAP) के नेता ने कश्मीरी लोगों की 'पूरी तरह से घेराबंदी' की निंदा की और इस क्षेत्र में आने वाले अनाज की अभूतपूर्व सुरक्षा जांच का मुद्दा उठाया। प्रदर्शनकारी नेता शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी के बाद JAAC ने 5 जुलाई को पूरे इलाके में लोगों से चक्काजाम करने का आह्वान किया है।
JAAC के मुख्य नेता खालिद मजीद बांडे ने पाकिस्तानी प्रशासन के साथ आगे किसी भी बातचीत की संभावना को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि बातचीत और बैठकों का समय बीत चुका है। उन्होंने कहा कि समिति अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए 4 जुलाई का इंतजार कर रही थी। बांडे ने इस संकट को आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व की लड़ाई बताया। उन्होंने पाकिस्तानी सरकार पर दमन का आरोप लगाया और कहा कि उसके नियंत्रण में शांतिपूर्ण जीवन जीना असंभव हो गया है।
-Legend News

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