अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दानपात्रों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर यूपी का सियासी माहौल गरम है। इस बीच बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार ने भी इस प्रकरण पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। मीडिया से बातचीत करते हुए विनय कटियार ने कहा कि यह कोई हल्का-फुल्का मामला नहीं है। इस पर लोग बलिदान हुए हैं। हमारे जैसे लोग जेल गए हैं। कल्याण सिंह ने इस्तीफा दिया था तब जाकर मंदिर मामला बढ़ना शुरू हआ। उन्होंने कहा- ‘ये जितने हैं ना, ये सब चोर हैं। इनकी छुट्टी करो, छुट्टी कौन करेगा, विनय कटियार कर देंगे। कल-परसों में इनकी छुट्टी हो जाएगी। ये जितने हैं वे सब भागेंगे, या तो भागेंगे या जेल जाएंगे।’ उन्होंने कहा कि कितने साल का घोटाला है, और क्या है, ये सब मालूम चल जाएगा, जब डंडा चलेगा तो सब मालूम पड़ जाएगा। 
बता दें कि इस मामले को लेकर विनय कटियार ने इसके पहले कहा था कि करोड़ों भक्तों की आस्था से जुड़े राम मंदिर के मामले में लग रहे आरोपों की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि फिलहाल मेरे पास कोई जानकारी नहीं है कि चोरी हुई है या नहीं लेकिन यदि आरोप लग रहे हैं तो उसके बारे में पता किया जाना चाहिए। 
चल रही है पूछताछ
इस मामले में रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक कर्मचारी से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। दो दिन पहले उसके पास से लाखों कैश पुलिस ने बरामद किया था। अब उससे पूछताछ के जरिए इस पूरे मामले में नए सुराग की तलाश पुलिस कर रही है। एसओजी ने पांच दिन पहले रूदौली कोतवाली क्षेत्र के फगौली ठाकुरान गांव निवासी बच्चूलाल तिवारी से पूछताछ की थी। पता चला है पूछताछ के बाद तीन दिन पहले बच्चू लाल तिवारी के बेटे से भी पुलिस ने पूछताछ की। दो दिन पहले उसके पास से लाखों का कैश एसओजी की टीम ने बरामद किया। लवकुश रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का कर्मचारी बताया जा रहा है। जो कथित तौर पर गणना कार्य से जुड़ा था। ग्रामीणों के अनुसार लवकुश ने हाल के वर्षों में अयोध्या में लगभग 40 लाख रुपये मूल्य का भूखंड खरीदा था और उस पर मकान निर्माण का काम भी चल रहा है। लवकुश के यहां रुपये बरामद होना तथा उससे पूछताछ में कई नए रहस्य खुल सकते हैं। जिसकी वजह से पुलिस उससे लम्बी पूछताछ कर रही है। लवकुश के पिता बच्चूलाल तिवारी का कहना है कि कुछ दिन पहले एसओजी टीम उनके घर पहुंची और तलाशी के दौरान नकदी बरामद होने के बाद उनके पुत्र को अपने साथ ले गई उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सपा ने सीबीआई जांच की मांग उठाई
वहीं, इस मामले में समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव ने कहा कि मंदिर के दानपात्रों के चढ़ावे के पैसे और संपत्तियों के कथित गबन की मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के किसी मौजूदा न्यायाधीश से सम्पूर्ण मामले की गहराई से जांच कराया जाना चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। सपा के पूर्व मंत्री तेज नारायण पाण्डेय का कहना है कि लंबे समय से धन एवं आभूषणों में अनयिमितता जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। 
सीएम योगी ने ट्रस्ट के अनुरोध पर गठित की एसआईटी
अयोध्या स्थित तीर्थ क्षेत्र में दान पात्रों को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को गंभीरता से लेते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री से एसआईटी गठित किए जाने का अनुरोध किया था। ट्रस्ट के अनुसार, अफवाहों पर रोक लगाने और मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए इसकी गहन जांच जरूरी है। यह तीर्थ क्षेत्र की छवि और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को चोट पहुंचाने की गहरी साजिश है, जिसका पर्दाफाश होना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने ट्रस्ट के इस अनुरोध को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से तीन वरिष्ठ अधिकारियों के विशेष जांच दल का गठन किया है। यह टीम पूरे प्रकरण की गहन छानबीन कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। इसके बाद आगे का कदम उठाया जाएगा।
कब क्या हुआ
5 जून- एसआईएस गार्ड ने संदिग्ध पकड़ा, नकदी बरामद 
6 जून- चढ़ावे की गणना करने वाले कर्मचारियों से पूछताछ
7 जून- सपा प्रमुख ने चढ़ावे में घपले का आरोप लगाया
8 जून-आंतरिक जांच में लाखों की नकदी छापे में मिली
9 जून-ट्रस्ट के पूर्व लेखाकार का आरोप वायरल हुआ
10 जून- ट्रस्ट के पदेन सदस्य नृपेन्द्र मिश्र अयोध्या पहुंचे
11 जून-नृपेन्द्र मिश्र दिल्ली लौटे, केंद्र को रिपोर्ट सौंपी
12 जून-ट्रस्ट के पदाधिकारियों को संघ ने लखनऊ तलब किया
13 जून-प्रदेश सरकार ने जांच के लिए एसआईटी बनाई  
-Legend News

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